Uttarakhand Kiwi Mission- उत्तराखंड में किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने प्रयासों को और तेज कर दिया है। प्रदेश में उच्च गुणवत्ता वाली बागवानी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘कीवी मिशन’ के तहत किसानों को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस योजना के जरिए किसानों को उन्नत किस्म के पौधे, आधुनिक तकनीकी मार्गदर्शन और भारी सब्सिडी (अनुदान) उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों के किसान पारंपरिक खेती छोड़ अधिक लाभकारी फलोत्पादन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
Uttarakhand Kiwi Mission- किसानों को मिलने वाले लाभ

- उन्नत किस्म के पौधे: उद्यान विभाग की ओर से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और कम समय में बेहतर पैदावार देने वाले कीवी के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- आर्थिक सहायता और सब्सिडी: बागान तैयार करने और ढांचागत विकास (जैसे टी-बार सिस्टम व सिंचाई व्यवस्था) की लागत को कम करने के लिए सरकार की ओर से आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है।
- तकनीकी मार्गदर्शन: विशेषज्ञों की टीम द्वारा पौधरोपण से लेकर फसल की कटाई और कीट-प्रबंधन तक का पूरा तकनीकी प्रशिक्षण किसानों को उनके खेतों तक दिया जा रहा है।
- फसल की सुरक्षा: कीवी की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे बंदर या अन्य जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचाते, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों की मेहनत सुरक्षित रहती है।
Uttarakhand Kiwi Mission- पर्वतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

Uttarakhand Kiwi Mission- उत्तराखंड की जलवायु कीवी उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल मानी जाती है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और देहरादून के पहाड़ी इलाकों में कीवी बागवानी के शानदार परिणाम देखने को मिल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य कीवी के उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ाकर इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों और पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन पर अंकुश लगाया जा सके।
Uttarakhand Kiwi Mission- सरकार का विजन:
“हमारा संकल्प राज्य के प्रत्येक किसान को सशक्त बनाना है। ‘कीवी मिशन’ के माध्यम से न केवल किसानों को लाभकारी फलोत्पादन से जोड़ा जा रहा है, बल्कि उन्नत कृषि तकनीकों से उनकी आय में कई गुना वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है।”
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