Badrinath Hospital- अगस्त से शुरू होगा हाई-टेक 45 बेड अस्पताल, मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

Badrinath Hospital- बद्रीनाथ धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है। बद्रीनाथ मास्टर प्लान के तहत निर्माणाधीन 45 बेड वाला आधुनिक अस्पताल अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को अगस्त माह के अंत तक अस्पताल का संचालन पूरी तरह शुरू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण के साथ-साथ चिकित्सा उपकरणों की स्थापना, फर्नीचर, विद्युत और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि यह अस्पताल जल्द से जल्द जनता को समर्पित किया जा सके।

Badrinath Hospital- 25.10 करोड़ की लागत, 96% काम पूरा

Badrinath Hospital

Badrinath Hospital- जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • प्रोजेक्ट लागत: गेल इंडिया (GAIL India) के वित्तीय सहयोग से लगभग 25.10 करोड़ रुपये की लागत से इस 45 शैय्यायुक्त (Beds) आधुनिक अस्पताल का निर्माण हो रहा है।
  • क्षेत्रफल और कार्यदायी संस्था: करीब 2,244 वर्गमीटर क्षेत्र में बन रहे इस अस्पताल का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) की PIU इकाई द्वारा कराया जा रहा है।
  • वर्तमान स्थिति: अस्पताल का निर्माण कार्य 96 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

Badrinath Hospital- अस्पताल में मिलेंगी ये विश्वस्तरीय सुविधाएं

Badrinath Hospital- स्वास्थ्य सेवाओं को ध्यान में रखते हुए इस बहुमंजिला अस्पताल भवन का खाका तैयार किया गया है:

  • भूतल: प्रतीक्षालय, प्रशासनिक कक्ष, फार्मेसी, यूटिलिटी रूम और 3 बेड का आपातकालीन वार्ड।
  • प्रथम तल): ओपीडी (OPD), आधुनिक लैब, एक्स-रे, ईसीजी (ECG), फिजियोथेरेपी यूनिट, कैफेटेरिया और वेटिंग एरिया।
  • द्वितीय तल: 4 बेड का आईसीयू (ICU), आइसोलेशन कक्ष, 2 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर (OT), प्री व पोस्ट ऑपरेशन एरिया और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों के लिए विशेष हाइपरबेरिक एवं हाइपोथर्मिया कक्ष।
  • तृतीय तल: पुरुष एवं महिला जनरल वार्ड, ट्विन शेयरिंग रूम, प्राइवेट सुइट रूम, ट्रीटमेंट रूम और मेडिकल स्टोर।
Badrinath Hospital

Badrinath Hospital- “क्वालिटी से समझौता नहीं- डीएम

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने निर्देश दिए कि चिकित्सा उपकरणों की स्थापना प्राथमिकता के आधार पर की जाए और निर्माण गुणवत्ता (Quality) से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने सभी एजेंसियों को साप्ताहिक कार्ययोजना (Weekly Action Plan) तैयार कर हर हफ्ते प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।

“अस्पताल केवल भवन खड़ा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे पूरी तरह कार्यशील बनाना हमारी प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें ताकि अगस्त के अंत तक यह अस्पताल बद्रीनाथ क्षेत्र के लोगों और तीर्थयात्रियों की सेवा में शुरू हो सके।”- गौरव कुमार, जिलाधिकारी (चमोली)

Badrinath Hospital- बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. अभिषेक गुप्ता, उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ट, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन राणा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें…

उत्तराखंड की ये हैं 5 बेस्ट डेस्टिनेशन वेडिंग लोकेशन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *