UPCL News- बिजली कनेक्शन और बिल विवाद पर तीन बड़े फैसले

UPCL News- बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़े तीन अहम मामलों में विद्युत लोकपाल डीपी गैरोला ने महत्वपूर्ण फैसले सुनाए हैं, इन आदेशों में जहां दो मामलों में उपभोक्ताओं को राहत मिली, वहीं एक मामले में बिजली विभाग के फैसले को सही ठहराया गया, नैनीताल और देहरादून से जुड़े इन मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया कि विभागीय विवादों और तकनीकी खामियों का खामियाजा उपभोक्ताओं को नहीं भुगतना पड़ेगा लेकिन पुराने बकाये के मामलों में नियमों से कोई समझौता भी नहीं होगा।

नैनीताल जिले के मल्ला रामगढ़ निवासी स्वाति सिन्हा ने अपने घरेलू बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाने के लिए आवेदन किया था। हालांकि, यूपीसीएल ने उनका आवेदन यह कहते हुए रोक दिया कि जिस पोर्टुलाका होम्स कॉलोनी में उनका घर स्थित है, वहां के बिल्डर ने 100 केवीए ट्रांसफार्मर स्थापना के लिए आवश्यक शुल्क जमा नहीं किया है। विभाग का तर्क था कि जब तक बिल्डर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं करता, तब तक कॉलोनी में किसी भी उपभोक्ता का लोड नहीं बढ़ाया जा सकता।

उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच ने भी प्रारंभिक सुनवाई में विभाग के पक्ष में फैसला दिया था। इसके बाद स्वाति सिन्हा ने विद्युत लोकपाल की शरण ली। मामले की सुनवाई के बाद लोकपाल डीपी गैरोला ने कहा कि उपभोक्ता का कनेक्शन पहले से चालू है और वह नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर रही हैं। ऐसे में बिल्डर और विभाग के बीच बुनियादी ढांचे को लेकर चल रहे विवाद का नुकसान किसी व्यक्तिगत उपभोक्ता को नहीं पहुंचाया जा सकता। उन्होंने शिकायत निवारण मंच के आदेश को निरस्त करते हुए यूपीसीएल को तत्काल लोड बढ़ाने के निर्देश दिए।

UPCL News- दूसरा मामला देहरादून के कौलागढ़ रोड निवासी सुशीला सिंह से जुड़ा था। उन्होंने अपने घर का बिजली लोड 10 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट कराया था। नया मीटर लगाए जाने के बाद विभाग के केसीसी सॉफ्टवेयर में तकनीकी खराबी के चलते करीब एक वर्ष तक उनका बिजली बिल जारी नहीं हुआ। सितंबर 2024 में विभाग ने एक साथ पूरे वर्ष का बिल जारी किया, जिसमें मल्टीप्लाइंग फैक्टर (एमएफ) और तकनीकी त्रुटि के कारण बिल की राशि बढ़कर 11,47,974 रुपये पहुंच गई।

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इस भारी-भरकम बिल से परेशान उपभोक्ता ने मानसिक उत्पीड़न और विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोकपाल से न्याय की मांग की। सुनवाई के दौरान यूपीसीएल ने स्वीकार किया कि बिलिंग में तकनीकी गड़बड़ी हुई थी। विभाग ने त्रुटि सुधारते हुए वास्तविक बिल को संशोधित कर 2,37,132 रुपये कर दिया और सभी प्रकार के विलंब भुगतान अधिभार (लेट पेमेंट सरचार्ज) को भी हटा दिया। लोकपाल ने विभाग द्वारा समस्या का समाधान किए जाने के बाद मामले में आगे कोई कार्रवाई आवश्यक नहीं मानी।

तीसरा मामला नैनीताल के मल्लीताल स्थित हांडी बांडी क्षेत्र का था। यहां निवासी राम सुमिरन गुप्ता ने नई सोसाइटी के नाम पर बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। विभाग ने आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसी परिसर के पुराने कनेक्शन पर 41,724 रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसे संबंधित वेलफेयर एसोसिएशन ने अभी तक जमा नहीं किया है। बकाया राशि के कारण परिसर की स्ट्रीट लाइट और अन्य बिजली कनेक्शन भी काटे जा चुके थे।

राम सुमिरन गुप्ता का कहना था कि नई सोसाइटी का पुराने बकाये से कोई संबंध नहीं है और बिजली प्राप्त करना उनका मौलिक अधिकार है। हालांकि, मामले की सुनवाई के बाद लोकपाल डीपी गैरोला ने यूपीसीएल के निर्णय को सही ठहराया। उन्होंने अपने आदेश में कहा कि उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के नियमों के अनुसार किसी भी परिसर में तब तक नया बिजली कनेक्शन जारी नहीं किया जा सकता, जब तक उस परिसर से संबंधित पुराना बकाया पूरी तरह जमा न हो जाए। इसी आधार पर उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच के पूर्व आदेश को बरकरार रखा गया।

UPCL News- इन तीनों मामलों में आए फैसलों ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि जहां उपभोक्ताओं के वैध अधिकारों की रक्षा की जाएगी, वहीं बिजली आपूर्ति से जुड़े नियमों और बकाया भुगतान संबंधी प्रावधानों का सख्ती से पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।

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