Sirali Birali Marg- उत्तराखंड के विकास के नक्शे पर गढ़वाल और कुमाऊं मंडल की भौगोलिक दूरियों को मिटाने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना धरातल पर उतरती दिख रही है। दोनों मंडलों के बीच कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देने वाले सिराली-बिराली मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव अब पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा से मुलाकात कर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
इस मुलाकात के दौरान इस मार्ग से होने वाले फायदों और क्षेत्रीय विकास की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई। पूरी खबर का विस्तृत ब्योरा नीचे दिया गया है:
Sirali Birali Marg- 22 किलोमीटर घटेगी दूरी
केंद्रीय राज्य मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अल्मोड़ा और पौड़ी जिलों की सीमाओं को आपस में जोड़ने वाला सिराली-बिराली मार्ग महज एक सड़क नहीं, बल्कि दोनों मंडलों के आर्थिक और सामाजिक एकीकरण का माध्यम बनेगा।
Sirali Birali Marg- परियोजना के मुख्य लाभ
- दूरी और समय की बचत: इस मार्ग के बनने से गढ़वाल और कुमाऊं के बीच की सड़क मार्ग की दूरी में लगभग 22 किलोमीटर की भारी कमी आएगी। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच सफर का समय काफी घट जाएगा।
- लाखों लोगों को राहत: पौड़ी और अल्मोड़ा के सीमांत व ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों को जिला मुख्यालयों और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में बड़ी सहूलियत होगी।
- आर्थिक और पर्यावरणीय लाभ: यात्रा की दूरी कम होने से जहां एक ओर ईंधन (फ्यूल) की भारी बचत होगी और लोगों पर आर्थिक बोझ कम होगा, वहीं दूसरी ओर कार्बन उत्सर्जन घटने से उत्तराखंड के संवेदनशील पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
Sirali Birali Marg- केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
प्रस्ताव की उपयोगिता और क्षेत्र के विकास के लिए इसके महत्व को देखते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने इस पर बेहद सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग विशेष रूप से उत्तराखंड के सीमांत और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए एक लाइफलाइन साबित होगा। सड़क बनने से दोनों जिलों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक गतिविधियों को एक नया उछाल मिलेगा।
मंत्री ने इस प्रस्ताव को बेहद उपयोगी बताते हुए बिना किसी देरी के संबंधित प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों को पत्र भेजा है और परियोजना की व्यवहार्यता (Feasibility) की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
धीरेंद्र प्रताप ने केंद्र सरकार के इस रुख का स्वागत करते हुए कहा कि क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से यह बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए इसका तकनीकी परीक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जाना बेहद जरूरी है।
Sirali Birali Marg- वर्षों पुरानी मांग पर बंधी उम्मीद की किरण
Sirali Birali Marg- इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान धूमाकोट महोत्सव के संरक्षक सोमपाल सिंह नेगी भी मौजूद रहे। उन्होंने मंत्री को अवगत कराया कि स्थानीय जनता पिछले लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण की मांग उठा रही थी। उन्होंने इस बेहद महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे पर तुरंत सकारात्मक पहल करने और अधिकारियों को निर्देशित करने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा का दिल से आभार व्यक्त किया।