Rudraprayag Accident- उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जनपद से एक ऐसी खबर आई है जो रोंगटे खड़े कर देने वाली है, लेकिन राहत की बात यह है कि रेस्क्यू टीमों की मुस्तैदी से एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया। शुक्रवार की सुबह बजीरा-जखोली मोटर मार्ग पर सफर कर रहे तीन लोगों के लिए उस वक्त समय थम गया, जब उनका वाहन अचानक बेकाबू होकर सड़क से करीब 200 मीटर गहरी और संकरी खाई में जा गिरा। पत्थरों और मलबे के बीच दबी चीखों के बीच, जिला आपदा मोचन बल (DDRF) और स्थानीय पुलिस के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक बेहद कठिन और सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
शुक्रवार सुबह 10:19 बजे जैसे ही पुलिस कंट्रोल रूम को हादसे की सूचना मिली, प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया। पहाड़ी की भौगोलिक स्थिति इतनी दुर्गम थी कि नीचे उतरना मौत को दावत देने जैसा था।
- फरिश्ता बनी पुलिस और DDRF: चौकी जखोली पुलिस और डीडीआरएफ की रेस्क्यू टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए पेड़ों और चट्टानों पर रस्सियां बांधीं।
- मलबे से सुरक्षित निकाला: जवान एक-एक कर खाई की गहराई में उतरे। वहां वाहन के परखच्चे उड़ चुके थे, जिसके भीतर घायल कराह रहे थे। टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों घायलों को मलबे से बाहर निकाला और स्ट्रेचर के जरिए बेहद सावधानी से खड़ी चढ़ाई पार कर सड़क तक पहुंचाया।

Rudraprayag Accident- इलाज जारी, एक की हालत नाजुक
Rudraprayag Accident- हादसे में घायल हुए तीनों यात्रियों को तत्काल 108 एम्बुलेंस की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) जखोली में भर्ती कराया गया है। घायलों की शिनाख्त इस प्रकार हुई है:
- राजीव कुमार (उम्र 46 वर्ष): वाहन चालक, निवासी ललूड़ी जखोली (हालत स्थिर)
- गजेंद्र (उम्र 40 वर्ष): निवासी काण्डई मयाली (उपचार जारी)
- छुम्मा देवी (उम्र 55 वर्ष): निवासी ऐकलिंग बुढना (अत्यंत गंभीर)
हादसे में गंभीर रूप से घायल हुईं 55 वर्षीय महिला छुम्मा देवी के सिर और छाती में गहरी चोटें आई हैं। अस्पताल के डॉक्टरों की टीम उन्हें स्थिर करने के प्रयास में जुटी है, हालांकि उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला चिकित्सालय या ऋषिकेश एम्स रेफर किया जा सकता है।
Rudraprayag Accident- हादसे के कारणों की पड़ताल शुरू
Rudraprayag Accident- जखोली थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बजीरा-जखोली मार्ग के एक तीखे मोड़ पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या सड़क पर कोई भूस्खलन का मलबा था या वाहन की गति सीमा से अधिक थी। स्थानीय ग्रामीणों ने इस मार्ग पर क्रैश बैरियर लगाने की मांग एक बार फिर तेज कर दी है।
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