Corbett National Safari- कॉर्बेट नेशनल पार्क में अब होगी फुल डे सफारी

Corbett National Safari- कॉर्बेट नेशनल पार्क से जुड़े वन्यजीव पर्यटन में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है, कॉर्बेट नेशनल पार्क में अब पर्यटकों को पूरे दिन जंगल में रहने और सफारी करने का अवसर देने की योजना पर काम चल रहा है, यह व्यवस्था भारत के प्रमुख टाइगर रिजर्व जैसे रणथंभौर नेशनल पार्क और ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व की तर्ज पर विकसित की जा रही है।

इस प्रस्ताव के तहत पार्क प्रशासन ने शुरुआती चरण में बिजरानी, गर्जिया, ढेला और झिरना जैसे प्रमुख पर्यटन जोनों को चुना है, इन क्षेत्रों में पहले से ही बाघ, हाथी, हिरण और कई दुर्लभ पक्षियों की अच्छी उपस्थिति रहती है, इसलिए इन्हें फुल डे सफारी के लिए उपयुक्त माना गया है।

Corbett National Safari- क्या होगा नई व्यवस्था में

  • नई व्यवस्था लागू होने के बाद पर्यटक सुबह सूर्योदय के समय निर्धारित गेट से जंगल में प्रवेश करेंगे।
  • दिन का पहला हिस्सा वे सफारी में बिताएंगे, जहां उन्हें वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अवसर मिलेगा।
  • दोपहर के समय उन्हें जंगल के भीतर ही निर्धारित सुरक्षित स्थानों जैसे वाच टावर, वन विश्राम गृह या विशेष रूप से बनाए गए रेस्ट एरिया में ठहराया जाएगा।
  • इस दौरान गाइड पर्यटकों को जंगल की जैव विविधता, वनस्पतियों, पक्षियों और पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में जानकारी देंगे।

Corbett National Safari- दोपहर बाद सफारी का दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें पर्यटक फिर से जंगल के अलग-अलग हिस्सों का भ्रमण करेंगे। दिन के अंत में सूर्यास्त के बाद सभी वाहन बाहर निकलेंगे। इस तरह एक पूरा दिन पर्यटक जंगल के बदलते रूप, वन्यजीवों की गतिविधियों और प्राकृतिक वातावरण के विविध पहलुओं को करीब से अनुभव कर सकेंगे।

अभी तक कॉर्बेट में डे विजिट सिस्टम लागू है, जिसमें केवल सुबह और दोपहर के निर्धारित समय स्लॉट में ही सफारी की अनुमति मिलती है। गर्मियों में यह समय सुबह 6 से 10 बजे और दोपहर 2 से 6 बजे तक होता है, जबकि सर्दियों में सुबह 7 से 11 बजे और दोपहर 1 से 5 बजे तक का समय तय है। इस सीमित समय के कारण कई पर्यटक जंगल के पूरे अनुभव से वंचित रह जाते हैं।

फुल डे सफारी को एक प्रीमियम पर्यटन अनुभव के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए अलग शुल्क निर्धारित किया जाएगा, जो देश के अन्य बड़े टाइगर रिजर्व में लागू व्यवस्था की तरह लगभग 30 से 40 हजार रुपये तक हो सकता है। साथ ही, इसमें सीमित संख्या में ही वाहनों को अनुमति दी जाएगी ताकि जंगल पर पर्यटकों का दबाव कम रहे और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Corbett National Safari- वन विभाग के अनुसार इस योजना से इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को जंगल को समझने का एक अधिक गहरा अनुभव मिलेगा। डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि यह पहल पर्यटकों के लिए रोमांचक और शिक्षाप्रद दोनों होगी, जिससे वे जंगल को केवल देखने के बजाय उसे महसूस भी कर सकेंगे।

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