Reverse Migration Uttarakhand
Reverse Migration Uttarakhand- उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से लगातार हो रहे पलायन पर प्रभावी अंकुश लगाने और रिवर्स माइग्रेशन को गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में ‘ग्राम्य विकास एवं प्रवासन निवारण आयोग’ की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सचिवालय में आयोजित इस बैठक में प्रदेश के दूरस्थ व सीमांत गांवों के सर्वांगीण विकास, स्वरोजगार सृजन और पलायन की समस्या के स्थायी समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।
Reverse Migration Uttarakhand- बैठक के मुख्य बिंदु
- रिवर्स माइग्रेशन पर विशेष फोकस: मुख्यमंत्री धामी ने निर्देश दिए कि जो लोग पलायन कर चुके हैं, उन्हें वापस अपने गांवों में स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ठोस और आकर्षक योजनाएं बनाई जाएं।
- स्वरोजगार व स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा: प्रदेश में होमस्टे योजना, कृषि, बागवानी, जड़ी-बूटी उत्पादन और स्थानीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों की आजीविका मजबूत करने पर जोर दिया गया।
- सीमांत गांवों का प्राथमिकता से विकास: ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत चीन व नेपाल सीमा से सटे प्रथम गांवों में बुनियादी सुविधाएं जैसे पक्की सड़कें, 24 घंटे बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- विभागों में समन्वय जरूरी: आयोग द्वारा समय-समय पर सौंपी गई रिपोर्ट और सिफारिशों को केवल फाइलों तक सीमित न रखकर उन्हें धरातल पर लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने की हिदायत दी गई।

Reverse Migration Uttarakhand- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया:
“पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के ही काम आए, यह हमारी सरकार का मुख्य संकल्प है। प्रवासन आयोग की सिफारिशों के आधार पर हम नीतिगत बदलाव कर रहे हैं। गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराकर ही पलायन को रोका जा सकता है। सरकार हर उस नागरिक के साथ खड़ी है जो वापस आकर अपनी मातृभूमि में स्वरोजगार शुरू करना चाहता है।”- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
Reverse Migration Uttarakhand- भूतहा गांवों को पुनर्जीवित करने की योजना
Reverse Migration Uttarakhand- बैठक में आयोग के सदस्यों ने राज्य के जनशून्य या अत्यधिक कम आबादी वाले गांवों का ब्योरा प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने इन गांवों को पर्यटन, एग्रो-टूरिज्म और हर्बल क्लस्टर के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए, जिससे इन क्षेत्रों में फिर से चहल-पहल लौट सके। यह भी पढ़ें…
