Udyamshala Chaupal Dehradun- उत्तराखंड में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और युवाओं व महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना चौपाल-2026’ का भव्य शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने उद्यमिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली राज्य की मातृशक्ति को सम्मानित किया तथा ‘उत्तराखंड ग्रामीण आजीविका मिशन’ (USRLM) के अंतर्गत निर्मित आईईसी (IEC) सामग्री का विमोचन किया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों को बड़ा बाज़ार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से देहरादून में एक अत्याधुनिक ‘राज्य स्तरीय विपणन केंद्र’ (State-Level Marketing Centre) स्थापित करने की महत्वपूर्ण घोषणा भी की।
Udyamshala Chaupal Dehradun- उद्यमियों को मिला प्रत्यक्ष संबल

- Udyamshala Chaupal Dehradun- मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के दूरगामी परिणामों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का मुख्य ध्येय ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत सूक्ष्म और लघु उद्यमों को मजबूती देना तथा युवाओं को जॉब सीकर की जगह ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना है।
- 13,000+ उद्यमी लाभान्वित: योजना के माध्यम से अब तक राज्य भर में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को वित्तीय सहयोग, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
- 8,000+ महिला उद्यमी जुड़ीं: योजना के तहत अब तक 8 हजार से अधिक महिलाओं को सीधे उद्यमिता गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया गया है।
Udyamshala Chaupal Dehradun- राज्य की आर्थिक रीढ़
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की महिला शक्ति के योगदान की सराहना करते हुए कहा:
“आज हमारी मातृशक्ति अपने हुनर, कड़ी मेहनत और नवाचार से न केवल स्थानीय पहाड़ी उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रही है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी अभूतपूर्व मजबूती प्रदान कर रही है। प्रदेश में अब तक 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि यदि सही अवसर और प्रशासनिक सहयोग मिले, तो हमारी बहनें गांव की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल सकती हैं।”- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

Udyamshala Chaupal Dehradun- कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत तैयार की गई सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) सामग्री का विमोचन किया गया। इसके माध्यम से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में प्रचार-प्रसार वैन और डिजिटल माध्यमों से स्वरोजगार योजनाओं, वित्तीय सहायता, पैकेजिंग और मार्केटिंग से संबंधित विस्तृत जानकारियां ग्रामीणों तक पहुंचाई जाएंगी।
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