Gyan Ganga Samman
Gyan Ganga Samman- उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित भव्य ज्ञान गंगा सम्मान-2026 एवं छात्रवृत्ति वितरण समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए मेधावी छात्र-छात्राओं को ‘ज्ञान गंगा सम्मान-2026’ से अलंकृत किया और जरूरतमंद प्रतिभावान विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के चेक वितरित किए।
- कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षाविदों को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि के युवाओं के सपनों को पंख लगाने और शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी व विश्वस्तरीय बनाने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम कर रही है।

- मेधावियों और गुरुओं का सम्मान: प्रदेश भर में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षा क्षेत्र में नवाचार करने वाले शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया।
- डीबीटी (DBT) के जरिए स्कॉलरशिप ट्रांसफर: आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मेधावी छात्रों की उच्च शिक्षा को निर्बाध जारी रखने के लिए डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति सहायता राशि प्रदान की गई।
- पारदर्शी परीक्षा और देश का सख्त नकल-विरोधी कानून: मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सख्त नकल-विरोधी कानून लागू होने से अब प्रदेश के साधारण और ग्रामीण परिवारों के युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरियां मिल रही हैं।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020): उत्तराखंड देश का अग्रणी राज्य है जिसने विद्यालयी और उच्च शिक्षा दोनों स्तरों पर एनईपी-2020 को पूरी तत्परता से धरातल पर उतारा है।
Gyan Ganga Samman- युवा ही उत्तराखंड के स्वर्णिम भविष्य की नींव: मुख्यमंत्री

Gyan Ganga Samman- समारोह में विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य का भविष्य देश और प्रदेश के युवाओं की सोच और उनकी मेहनत पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा: “युवा ही देवभूमि उत्तराखंड का असली सामर्थ्य हैं। हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि किसी भी होनहार छात्र की पढ़ाई केवल इसलिए नहीं रुकेगी कि उसके पास संसाधनों या पैसों का अभाव है। ‘ज्ञान गंगा सम्मान’ केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के कठोर परिश्रम, उनके माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन का उत्सव है।”
Gyan Ganga Samman- सीएम ने यह भी दोहराया कि प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, PCS, IIT-JEE, NEET आदि) की तैयारी कर रहे प्रतिभावान छात्रों के लिए राज्य सरकार मार्गदर्शन और प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है, ताकि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन कर सकें।
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