Meta Muse AI
Meta Muse AI- मेटा ने अपने एआई एजेंट म्यूज़ (Muse) को लेकर एक बड़ा और दिलचस्प कदम उठाया है, कंपनी ने ‘म्यूज़ गैजेट्स’ (Muse Gadgets) नाम के प्लान को ओपन सोर्स कर दिया है, अब कोई भी डेवलपर या हॉबीस्ट अपने हाथ से बने गैजेट्स में म्यूज़ एआई एजेंट को आसानी से जोड़ सकता है। इस दिशा में मेटा ने ESP32 फर्मवेयर, Linux SDK, GitHub रिपॉजिटरी और डेवलपर डॉक्यूमेंट्स जारी कर दिए हैं, जिससे लोग अपनी पसंद के हार्डवेयर में म्यूज़ को फिट कर सकें।
कोई भी इच्छुक व्यक्ति gadgets.muse.ai से आसानी से API टोकन ले सकता है। इसके बाद आम बाजार में मिलने वाले ESP32 बोर्ड या Raspberry Pi जैसे Linux डिवाइस पर काम शुरू किया जा सकता है। इन बोर्ड्स पर स्क्रीन, बटन, सेंसर, ऑडियो और अन्य पार्ट्स जोड़कर अपना खुद का कस्टम गैजेट तैयार किया जा सकता है।
मेटा सुपरइंटेलिजेंस लैब्स के हेड ऑफ प्रोडक्ट नेट फ्राइडमैन (Nat Friedman) ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, “लोग एपीआई टोकन लेकर GitHub रिपॉजिटरी की मदद से आसानी से अपना पेरिफेरल बना सकते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए खास है जो कोडिंग और हार्डवेयर दोनों में रुचि रखते हैं।”

Meta Muse AI- मेटा ने खुद बनाया म्यूज़ होम लिंक डिवाइस
मेटा ने केवल डॉक्यूमेंट्स और सॉफ्टवेयर ही नहीं दिए हैं, बल्कि कंपनी ने खुद एक बेहतरीन गैजेट भी तैयार किया है जिसका नाम Muse Home Link है। यह एक छोटा यूएसबी-सी वाला डिवाइस है। इसकी मदद से म्यूज़ को घर के वाई-फाई नेटवर्क से जोड़ा जा सकता है, जिससे स्मार्ट टीवी, स्पीकर या किसी भी ऐसे डिवाइस को कंट्रोल किया जा सकता है जिसमें लोकल HTTP API हो।
कंपनी ने इस गैजेट की 5,000 यूनिट्स तैयार की हैं, जो म्यूज़ के मौजूदा सब्सक्राइबर्स को बिल्कुल मुफ्त दी जाएंगी। इसकी डिलीवरी कुछ ही हफ्तों में शुरू होने वाली है। खास बात यह है कि म्यूज़ होम लिंक का पूरा कोड भी ओपन सोर्स है, जिसे देखकर कोई भी अपना खुद का वर्ज़न बना सकता है।

Meta Muse AI- डेवलपर्स के लिए बड़े मौके
Meta Muse AI- मेटा ने यह साफ कर दिया है कि म्यूज़ गैजेट्स सिर्फ प्रोफेशनल डेवलपर्स के लिए ही नहीं हैं, बल्कि इसमें शौक से तकनीक के साथ प्रयोग करने वाले (हॉबीस्ट्स) भी शामिल हैं। सितंबर में म्यूज़ के लॉन्च (जिसमें VR ग्लासेस, नई AI ग्लासेस, एंटरप्राइज प्लेटफॉर्म और छोटे बिजनेस के लिए टूल्स पेश किए गए थे) के बाद यह कदम उठाया गया है।
अब घर के ऑटोमेशन से लेकर छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स तक असीम संभावनाएं खुल गई हैं। कोई भी व्यक्ति अपने वर्क टेबल पर रखे पुराने पार्ट्स और साधारण बोर्ड्स की मदद से एक नया और स्मार्ट गैजेट तैयार कर सकता है। मेटा का यह कदम एआई को आम लोगों तक और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है।
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