Vikasnagar Tehsildar- सूचना न देना पड़ा भारी! राज्य सूचना आयुक्त का बड़ा फैसला

Vikasnagar Tehsildar- सूचना अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी न देने और अपीलों को दरकिनार करने के मामले में राज्य सूचना आयोग ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। सूचना आयोग ने विकासनगर तहसील के लोक सूचना अधिकारी एवं नायब तहसीलदार ग्यारू दत्त जोशी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही प्रथम अपील पर सुनवाई न करने पर तहसीलदार विवेक राजौरी और नायब तहसीलदार जोशी के खिलाफ विभागीय जांच करने के आदेश देहरादून के जिलाधिकारी को जारी किए हैं।

  • ₹25,000 का जुर्माना: नायब तहसीलदार ग्यारू दत्त जोशी पर RTI आवेदन की अनदेखी करने के लिए लगा जुर्माना।
  • विभागीय जांच के आदेश: जिलाधिकारी देहरादून को तहसीलदार विवेक राजौरी और नायब तहसीलदार जोशी के विरुद्ध विभागीय जांच के निर्देश।
  • 7 महीने तक दबाई फाइल: देहरादून निवासी बलवंत सिंह रावत की आरटीआई पर 7 महीने तक नहीं की गई कोई कार्रवाई।
  • अर्धन्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन: राज्य सूचना आयुक्त ने अधिकारियों की अनुपस्थिति और उदासीनता को RTI कानून का गंभीर उल्लंघन माना।

Vikasnagar Tehsildar- क्या है पूरा मामला?

Vikasnagar Tehsildar- मामला देहरादून जिले की विकासनगर तहसील का है, जहाँ देहरादून निवासी बलवंत सिंह रावत ने एक आरटीआई आवेदन दाखिल कर कुछ सूचनाएं मांगी थीं।

  • 7 महीने तक कोई कार्रवाई नहीं: लोक सूचना अधिकारी ने आवेदक के प्रार्थना पत्र पर लगातार सात महीनों तक कोई ध्यान नहीं दिया और न ही मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई।
  • प्रथम अपील भी ठंडे बस्ते में: जब आवेदक ने नियमानुसार प्रथम विभागीय अपीलीय अधिकारी के समक्ष याचिका दायर की, तो उस पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई।
  • आयोग की शरण: आखिरकार पीड़ित आवेदक ने न्याय के लिए राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया।

Vikasnagar Tehsildar- आयोग के सामने भी गैरहाजिर रहे अधिकारी

मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुंवर ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। आयोग द्वारा कई बार समय और अवसर दिए जाने के बावजूद न तो लोक सूचना अधिकारी (नायब तहसीलदार) और न ही प्रथम अपीलीय अधिकारी (तहसीलदार) आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और न ही कोई लिखित पक्ष प्रस्तुत किया।

Vikasnagar Tehsildar- राज्य सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुंवर ने मामले को कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कहा:

“विभागीय अपील की प्रकृति अर्धन्यायिक होती है और अपीलीय अधिकारी के लिए मामले की सुनवाई करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इसके बावजूद आवेदक को सूचना न देना और अपील को अनसुना करना सूचना अधिकार कानून का सीधा हनन है।”

Vikasnagar Tehsildar- जिलाधिकारी को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

अधिकारियों की इस घोर लापरवाही और आयोग की अवमानना को देखते हुए सूचना आयोग ने कड़ा फैसला सुनाया:

आर्थिक दंड: लोक सूचना अधिकारी/नायब तहसीलदार ग्यारू दत्त जोशी पर 25,000 रुपये का अधिकतम जुर्माना आयत किया गया है।

विभागीय जांच की सिफारिश: प्रथम अपीलीय अधिकारी/तहसीलदार विवेक राजौरी और नायब तहसीलदार ग्यारू दत्त जोशी दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू करने के लिए जिलाधिकारी देहरादून को निर्देशित किया गया है।

यह भी पढ़ें…

उत्तराखंड की ये हैं 5 बेस्ट डेस्टिनेशन वेडिंग लोकेशन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *