Badrinath Yatra 2024-
Badrinath Yatra 2024- उत्तराखंड स्थित श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीखों का एलान हो गया है. मंदिर समिति के प्रवक्ता ने बसंत पंचमी के मौके पर यह जानकारी दी. रिपोर्ट के मुताबिक 12 मई को ब्रह्ममुहूर्त में सुबह 6 बजे धाम के कपाट खुलेंगे. आपको बता दें कि नरेंद्रनगर टिहरी स्थित राजदरबार में तारीखों का एलान हुआ.
बद्रीनाथ मंदिर जिसे बद्रीनारायण मंदिर भी कहा जाता है, उत्तराखंड के बद्रीनाथ शहर में स्थित है, यह राज्य के चार धामों (चार महत्वपूर्ण तीर्थों) में से एक है। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ नामक चार तीर्थ-स्थल हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से चार धाम के नाम से जाना जाता है।

Badrinath Yatra 2024- बद्रीनाथ लगभग 3,100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जहां से जुड़ी धार्मिक मान्यता है कि, मंदिर में जाने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं और उन्हें मोक्ष प्राप्त करने में मदद मिलती है। अगर आप भी इस तीर्थ यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो इस लेख के जरिए जानिए बद्रीनाथ से जुड़ी कुछ जरूर जानकारी के बारे में…..
जब इस प्राचीन मंदिर के इतिहास की बात आती है, तो ये कितने वर्ष पुराना है इससे जुड़े कोई पुख्ता तथ्य नहीं हैं। इतिहास की किताबें कहती हैं कि मंदिर वैदिक युग का है जो लगभग 1500 ईसा पूर्व में शुरू हुआ था। मंदिर का उल्लेख कई वैदिक ग्रंथों, पुराणों में मिलता है।
Badrinath Yatra 2024- यह भी माना जाता है कि मंदिर का निर्माण 9वीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य द्वारा किया गया था, जो एक भारतीय संत थे। वह 814 से 820 तक बद्रीनाथ मंदिर में रहे और उन्होंने केरल के एक नंबूदिरी ब्राह्मण को यहां का मुख्य पुजारी बनने के लिए कहा। आज भी ये परंपरा जारी है।

बद्रीनाथ का मौसम लगभग पूरे साल ठंडा रहता है। इस जगह पर जाने का पीक सीजन मई से जून और सितंबर से अक्टूबर के बीच होता है। मानसून के मौसम की शुरुआत के साथ, बद्रीनाथ में भारी वर्षा और तापमान में गिरावट देखी जाती है।
भारी बर्फबारी के कारण यहां सर्दियों में ठंड बेहद बढ़ जाती है। अधिकतर सर्दियों में तो तापमान माइनस डिग्री तक पहुंच जाता है। इसलिए गर्मी का मौसम इस जगह की यात्रा के लिए परफेक्ट समय है। जिस मौसम में आप यहां यात्रा करने जा रहे हैं, बस इस बात का ध्यान रखें कि आप उस हिसाब के कपड़े जरूर लेकर जाएं।
बद्रीनाथ मंदिर के अलावा यहां आप तप्त कुंड, ब्रह्मा कपाल, नीलकंठ शिखर, माता मूर्ति मंदिर, चरणपादुका, शेषनेत्र, वसुधरा वॉटरफॉल देख सकते हैं। ये सभी जगह एक दूसरे से कुछ किमी की दूरी पर ही स्थित हैं। बद्रीनाथ के दर्शन करने के बाद इन लोकप्रिय जगहों पर भी घूमने की प्लानिंग जरूर करें।
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