Uttarakhand Teacher Transfer- उत्तराखंड के माध्यमिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से अपने स्थानांतरण (तबादले) का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए शासन की ओर से एक बड़ी और राहत भरी खबर आई है। शासन ने गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और अन्य बेहद विकट मानवीय परिस्थितियों का सामना कर रहे शिक्षकों के मामलों का निपटारा करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। हालांकि, सामान्य सुगम से दुर्गम और दुर्गम से सुगम क्षेत्रों के तबादलों पर लगी रोक फिलहाल जारी रहेगी।
- राहत की श्रेणी: गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और कठिन मानवीय परिस्थितियों से पीड़ित शिक्षकों को ट्रांसफर में प्राथमिकता मिलेगी।
- सामान्य तबादलों पर ब्रेक: सुगम से दुर्गम और दुर्गम से सुगम क्षेत्रों में होने वाले सामान्य वार्षिक तबादलों पर अभी रोक जारी रहेगी।
- नए सिरे से आवेदन संभव: चूंकि आवेदन काफी पुराने हो चुके हैं, इसलिए विभाग द्वारा नई परिस्थितियों को देखते हुए नए सिरे से आवेदन मांगे जा सकते हैं और समयावधि बढ़ाई जा सकती है।
- आदेश जारी: शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा निदेशक को तत्काल समिति की संस्तुतियों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
Uttarakhand Teacher Transfer- शिक्षा सचिव रविनाथ रामन की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा, निदेशक माध्यमिक शिक्षा और अपर शिक्षा निदेशकों को ‘उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम’ के तहत गठित मुख्य सचिव की उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों (संस्तुतियों) के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि पूर्व में मांगे गए आवेदनों की सूची का नए सिरे से परीक्षण किया जाएगा। आवेदन काफी समय पहले लिए गए थे, और इस दौरान कई शिक्षकों की पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियां बदल चुकी हैं। इसी वजह से विभाग जल्द ही नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने और इसकी समय-सीमा को बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
- शासन का रुख: शिक्षा सचिव ने आदेश में साफ किया है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों और मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति की गाइडलाइंस के तहत ही निर्धारित समयावधि के भीतर इन लंबित मामलों का निस्तारण विभागीय स्तर पर किया जाए।

Uttarakhand Teacher Transfer- किन-किन श्रेणियों को मिलेगी बड़ी राहत?
Uttarakhand Teacher Transfer- मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति ने स्पष्ट किया है कि केवल निम्नलिखित विशेष परिस्थितियों वाले कर्मचारियों और शिक्षकों के आवेदनों का ही विभागीय स्तर पर तुरंत निस्तारण किया जाएगा:
- गंभीर बीमारी: कैंसर, किडनी फेलियर या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षक या कर्मचारी।
- विशेष देखभाल: मानसिक रूप से अस्वस्थ या गंभीर रूप से बीमार बच्चों की देखभाल कर रहे अभिभावक।
- दिव्यांगता: स्वयं दिव्यांग शिक्षक।
- विशेष पारिवारिक परिस्थितियां: विधवा, विधुर, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला शिक्षक।
- अन्य कारण: आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पीड़ित और माता-पिता की गंभीर बीमारी के कारण अनुरोध करने वाले कर्मचारी।
Uttarakhand Teacher Transfer- सुगम-दुर्गम तबादलों पर रोक क्यों ?
Uttarakhand Teacher Transfer- उत्तराखंड में सामान्य सुगम-दुर्गम श्रेणी के आधार पर होने वाले तबादलों का मामला फिलहाल माननीय उच्च न्यायालय में लंबित है।
- विवाद की वजह: उत्तरकाशी जिले के एक ही क्षेत्र में स्थित दो अलग-अलग स्कूलों (एक जूनियर हाईस्कूल और एक प्राथमिक विद्यालय) को विभाग द्वारा क्रमशः दुर्गम और सुगम श्रेणियों में रख दिया गया था। इस विसंगति के खिलाफ कुछ शिक्षक कोर्ट चले गए, जिसके बाद हाई कोर्ट ने इस पूरी सुगम-दुर्गम अवधारणा और सामान्य तबादला प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।
Uttarakhand Teacher Transfer- यही कारण है कि शिक्षा विभाग सामान्य तबादलों को तब तक हरी झंडी नहीं दे सकता जब तक कोर्ट की रोक नहीं हटती। ऐसे में मानवीय आधार पर गंभीर मामलों को सुलझाने के लिए शासन ने यह बीच का रास्ता निकाला है ताकि परेशान शिक्षकों को तुरंत राहत दी जा सके। सचिव ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षकों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण देना प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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