Uttarakhand Sports Policy 2026- देवभूमि के होनहार खिलाड़ियों को अब ओलंपिक स्तर की ट्रेनिंग के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। धामी सरकार ने उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं को वैश्विक मंच देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य गठन के बाद पहली बार खेल विभाग के कोटे का विस्तार करते हुए चार बेहद लोकप्रिय और ओलंपिक-आधारित विधाओं शूटिंग, तैराकी, जिम्नास्टिक और आइस स्पोर्ट्स को सरकारी खेल कोटे में शामिल कर लिया गया है। आगामी 15 जुलाई से देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में इन सभी नए खेलों का नियमित और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण शुरू होने जा रहा है।
Uttarakhand Sports Policy 2026- इन खेलों में भी मिलेगी सरकारी कोचिंग
Uttarakhand Sports Policy 2026- राज्य गठन के बाद से अब तक खेल विभाग के दायरे में सीमित खेल ही शामिल थे, लेकिन इस नए फैसले के बाद अब खेलों का ग्राफ काफी बड़ा हो गया है:

- पुराने शामिल खेल: फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, जूडो, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और क्रिकेट।
- शामिल हुई 4 नई विधाएं: शूटिंग (निशानेबाजी), तैराकी (स्विमिंग), जिम्नास्टिक और आइस स्पोर्ट्स (बर्फ से जुड़े खेल)।
- क्या होगा फायदा: इन चार नए वैश्विक खेलों के जुड़ने से अब उत्तराखंड के युवाओं को जमीनी स्तर से ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर सरकारी खर्च पर कोचिंग मिल सकेगी।
Uttarakhand Sports Policy 2026- कक्षा 6 से ही शुरू होगी ‘चैंपियंस’ की तैयारी
इस नई व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों को बहुत ही छोटी उम्र से तराशने का खाका तैयार किया गया है। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में इस सत्र में कक्षा छह (Class 6) में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की रुचि, शारीरिक क्षमता और उनकी प्राकृतिक प्रतिभा को परखा जाएगा। इसके बाद ही उन्हें इन नई खेल विधाओं में से किसी एक को चुनने का विकल्प मिलेगा। विभाग की तरफ से नए विधाओं के लिए पंजीकरण (Registration) की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू की जा रही है।

Uttarakhand Sports Policy 2026- वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर
Uttarakhand Sports Policy 2026- खेल विभाग का मानना है कि इस फैसले से उत्तराखंड के खेल जगत की सबसे बड़ी समस्या यानी खिलाड़ियों का पलायन पूरी तरह रुक जाएगा। अब तक शूटिंग या आइस स्पोर्ट्स जैसे महंगे खेलों की तैयारी के लिए बच्चों को दिल्ली, पंजाब या हरियाणा जैसे राज्यों में जाना पड़ता था, जिससे उन पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता था।
अब सरकार ने इन चारों विधाओं के लिए आवश्यक आधुनिक आधारभूत सुविधाएं कॉलेज परिसर में ही तैयार कर ली हैं और देश के बेहतरीन कोचों (प्रशिक्षकों) की नियुक्ति भी पूरी हो चुकी है।
“राज्य सरकार ने खेलों का दायरा बढ़ाते हुए चार नई विधाओं को शामिल किया है। 15 जुलाई से शूटिंग, तैराकी, जिम्नास्टिक और आइस स्पोर्ट्स का नियमित प्रशिक्षण शुरू होगा। सभी खेलों के लिए प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है।”- राजेश ममगाईं, प्रधानाचार्य, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज
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