Tribhuvan Cooperative University- सहकारिता के क्षेत्र में उत्तराखंड एक नया इतिहास रचने जा रहा है। राज्य में जल्द ही त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) स्थापित की जाएगी और ऐसा करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा। इस युगांतरकारी पहल की घोषणा प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सहकारिता विभाग और विश्वविद्यालय के बीच हुए एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के दौरान की। डॉ. रावत ने कहा कि यह अनूठी पहल राज्य के सहकारिता क्षेत्र में नवाचार (Innovation) और अभूतपूर्व विकास को नई दिशा देगी।
यह महत्वपूर्ण समझौता आगामी पांच वर्षों की अवधि के लिए किया गया है। इस परियोजना का पूरा संचालन भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और मार्गदर्शन में होगा। त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ उत्तराखंड के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सहकारिता के संसाधनों का गहन व वैज्ञानिक अध्ययन करेंगे।
मुख्य उद्देश्य: इस यूनिट का प्राथमिक उद्देश्य सहकारिता के क्षेत्र में नई संभावनाओं को तलाशना, वैज्ञानिक रिसर्च करना और जमीनी हकीकत के आधार पर मजबूत नीतियों का निर्माण करना है। इससे प्रदेश में सहकारिता आधारित रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय लोगों के आर्थिक सशक्तीकरण को एक नई रफ्तार मिलेगी।
Tribhuvan Cooperative University- आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनेंगी सहकारी संस्थाएं

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा: “यह पीएमयू महज एक इकाई नहीं, बल्कि शोध और ज्ञान आधारित विकास का सबसे बड़ा केंद्र बनेगी। इसकी मदद से उत्तराखंड की सहकारी संस्थाओं को आधुनिक, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी।”
वहीं, त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय के कुलपति शाश्वत विश्वास ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कदम ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ अपने शोध से सहकारी संस्थाओं को अधिक सक्षम और आधुनिक बनाएंगे।
कार्यक्रम में ये वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक समझौते और एमओयू हस्ताक्षर के दौरान सहकारिता विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे: सुरेंद्र दत्त बेलवाल (उप सचिव, सहकारिता), ईरा उप्रेती (अपर निबंधक), आनंद एडी शुक्ल, एमपी त्रिपाठी (प्रबंध निदेशक), राकेश ऐरावत
Tribhuvan Cooperative University- इस नए कदम से उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में सहकारी समितियों के कामकाज में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।