Trekking in Monsoon- मानसून के आते ही लोगों को तपती धूप से राहत मिल जाती है, ऐसे में हर कोई कहीं न कहीं घूमने का प्लान जरूर करता है. वहीं एडवेंचर का शौक रखने वाले लोग इस मौसम में ट्रेकिंग पर जाना बहुत ज्यादा पसंद करते हैं लेकिन ट्रेकिंग के लिहाज से देखा जाए तो ये मौसम बेहद रिस्की माना जाता है.
इस मौसम में हिल स्टेशन घूमने का प्लान अपने आप में खतरे से खाली नहीं है. लगातार बारिश होने की वजह से यहां रास्ते टूट जाते हैं, पहाड़ों में भी दरार आने की संभावना बनी रहती है.
वहीं कई जगहों पर तो बाढ़ की भी स्थिति बन जाती है लेकिन इसके साथ साथ भारत में कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां घूमने का मजा बरसात में ही आता है, इन सभी जगहों पर आप ट्रेकिंग कर सकते हैं, ट्रेकिंग के दौरान आप यहां के सुंदर नजारे, हरे भरे पहाड़ देख सकते हैं.
Trekking in Monsoon- आइए जानते हैं मानसून में आप किन जगहों पर ट्रेकिंग का लुत्फ उठा सकते हैं
Trekking in Monsoon- फूलों की घाटी, उत्तराखंड जुलाई से सितंबर के महीने को फूलों की घाटी एक्सप्लोर करने का सबसे बेस्ट टाइम माना जाता है, इस दौरान यहां एक साथ कई वैरायटी के फूल आप देख सकते हैं, उत्तराखंड के चमोली में स्थित फूलों की घाटी वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में भी शामिल है.
यहां आपको करीब 500 प्रकार के फूल देखने को मिल जाएंगे,इस साल 1 जून से फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खोल दी गई है,आप 30 अक्टूबर तक फूलों की घाटी घूम सकते हैं, इसके बाद ये पूरे साल के लिए बंद कर दिया जाता है.
सिंहगढ़ ट्रेक– पुणेमानसून में घूमने के लिहाज से मुंबई को सबसे बेस्ट माना जाता है, वैसे तो पूरे साल यहां का मौसम सुहाना ही रहता है लेकिन मानसून के दौरान यहां का मौसम और भी खुशनुमा हो जाता है, यही वजह है कि मानसून में अधिकतर लोग मुंबई, पुणे जैसी मैदानी जगहों को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं.
Trekking in Monsoon- वहीं अगर आप ट्रेकिंग करने के शौकीन हैं तो पुणे के सिंहगढ़ दुर्ग ट्रेकिंग को आपको बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए, यह ट्रेक कुल 3 किलोमीटर लंबी है जिसे पूरा करने में आपको एक घंटे का समय लग सकता है.
मुल्लायानगिरी, कर्नाटककर्नाटक का मुल्लायानगिरी ट्रेकिंग के लिहाज से बेहतरीन माना जाता है, यह कर्नाटक की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है, वैसे तो यहां हर साल पर्यटक आते जाते रहते हैं लेकिन मानसून के दौरान यहां पर्यटकों की संख्या दोगुनी हो जाती है, यह ट्रेकिंग लगभग 10 किलोमीटर लंबी है जिसके दौरान आप कैंपिंग और रॉक क्लाइंबिंग का भी मजा ले सकते हैं।
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