Somnath Swabhimaan Parv- देहरादून से 13 जुलाई को रवाना होगी विशेष आस्था ट्रेन

Somnath Swabhimaan Parv- सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम विदेशी आक्रमण के 1000 वर्ष और स्वतंत्रता के बाद मंदिर के ऐतिहासिक पुनरुद्धार (प्राण-प्रतिष्ठा) के 75 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। इसी राष्ट्रीय गौरव श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में 13 जुलाई को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से गुजरात के सोमनाथ के लिए एक विशेष आस्था ट्रेन (सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा) रवाना होगी।

इस यात्रा के सुचारू संचालन और तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी प्रमुख सचिवों, जिलाधिकारियों (DMs) और विभागाध्यक्षों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

Somnath Swabhimaan Parv- यात्रा का पूरा शेड्यूल

Somnath Swabhimaan Parv- संस्कृति विभाग को इस पूरी भव्य यात्रा के लिए नोडल विभाग बनाया गया है। ट्रेन का विस्तृत कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • 13 जुलाई (दोपहर 3:00 बजे): देहरादून रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन सोमनाथ के लिए प्रस्थान करेगी। इसे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) या मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
  • 15 जुलाई: यात्रा का गुजरात (सोमनाथ) आगमन।
  • 16 व 17 जुलाई: सोमनाथ में विभिन्न सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक कार्यक्रमों में प्रवासियों व श्रद्धालुओं की सहभागिता।
  • 17 जुलाई (शाम): सोमनाथ से देहरादून के लिए वापसी यात्रा शुरू।
  • 19 जुलाई: विशेष ट्रेन का देहरादून में सुरक्षित आगमन।

Somnath Swabhimaan Parv- 11 विशेष समूहों से हो रहा चयन

सोमनाथ यात्रा को पूरी तरह समावेशी और जन-केंद्रित बनाने के लिए संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत के अनुसार, प्रत्येक जिले से अधिकतम 40-40 श्रद्धालुओं को भेजा जा रहा है। कुल 700 से अधिक यात्रियों का चयन जिलाधिकारियों की विशेष कमेटी द्वारा किया जा रहा है।

Somnath Swabhimaan Parv- यात्रा में प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख 11 समूह निम्नलिखित हैं:

  • महिलाएं और स्वयं सहायता समूह
  • वरिष्ठ नागरिक और विद्यार्थी
  • स्थानीय कलाकार, विशेषज्ञ और युवा प्रोफेशनल्स
  • सीमावर्ती (वाइब्रेंट) गांवों के निवासी
  • व्यापारी वर्ग, तकनीकी कर्मी और गिग वर्कर्स
  • विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी और सेवा प्रदाता

अतिरिक्त सहभागिता: इन समूहों के अलावा उत्तराखंड की प्रतिष्ठित धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं जैसे हरिद्वार के गायत्री परिवार, पतंजलि योगपीठ और ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन से 15-15 अतिरिक्त यात्री शामिल होंगे। साथ ही, गुजरात की धरती पर उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की छाप छोड़ने के लिए 20 लोक कलाकारों का एक विशेष सांस्कृतिक दल भी रवाना हो रहा है।

Somnath Swabhimaan Parv- सोमनाथ में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम

Somnath Swabhimaan Parv

सोमनाथ प्रवास के दौरान देवभूमि के इन तीर्थयात्रियों के लिए विशेष आध्यात्मिक व संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे:

  • सोमनाथ संकल्प संवाद और सोमनाथ कॉम्प्लेक्स दर्शन।
  • आधुनिक तकनीक आधारित 3D लाइट एंड साउंड शो और सोमनाथ म्यूजियम का भ्रमण।
  • भगवान शिव का विशेष रुद्राभिषेक, महाआरती, भजन संध्या, प्रवचन और दीपोत्सव।

Somnath Swabhimaan Parv- स्वास्थ्य और मुफ़्त सुविधाएं

उत्तराखंड और गुजरात सरकार के साझा सहयोग से यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं का पुख्ता ढांचा तैयार किया गया है:

  • मुफ़्त यात्रा व भोजन: देहरादून से गुजरात आने-जाने का पूरा रेल किराया और भोजन का खर्च उत्तराखंड का संस्कृति विभाग वहन करेगा।
  • स्थानीय आतिथ्य: गुजरात पहुंचने पर यात्रियों के रहने, खाने और स्थानीय परिवहन की जिम्मेदारी गुजरात पर्यटन विभाग संभालेगा।
  • चलती ट्रेन में अस्पताल: किसी भी आपातकालीन चिकित्सा स्थिति से निपटने के लिए 5 डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की एक विशेष टीम पूरे रास्ते ट्रेन में मौजूद रहेगी।

सुरक्षा व्यवस्था: प्रत्येक जिले से एक जिला स्तरीय नोडल अधिकारी और एक स्वयंसेवक यात्रियों की देखरेख करेंगे। सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और जिला स्तर से सभी यात्रियों को अनिवार्य रूप से फोटोयुक्त आईडी कार्ड जारी किए जा रहे हैं।

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