Sawan Somwar 2025- सावन मास के पहले सोमवार को देवभूमि उत्तराखंड पूरी तरह शिव भक्ति में रंगा नजर आया, तड़के सुबह से ही मंदिरों में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, हाथों में गंगाजल, बेलपत्र और धतूरा लिए श्रद्धालु हर-हर महादेव के जयकारों के साथ शिवालयों की ओर बढ़ते दिखे।
देहरादून के टपकेश्वर महादेव, सिद्धेश्वर, लक्ष्मण सिद्ध, कमलेश्वर मंदिर और हनुमान चौक स्थित प्राचीन शिव मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें सुबह से ही लग गई थीं, भोर की बेला में ही भक्त मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक जैसे विशेष अनुष्ठानों में शामिल हुए।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने मंदिर परिसरों में पुलिस बल तैनात किया और ट्रैफिक पुलिस ने यातायात रूट डायवर्ट कर श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाया, जगह-जगह स्वयंसेवी संगठन भी श्रद्धालुओं को जल व प्रसाद वितरित करते दिखाई दिए।
Sawan Somwar 2025- आस्था और आध्यात्म का अद्भुत संगम
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का विशेष काल माना जाता है, इस महीने के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखकर शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद और बेलपत्र से अभिषेक किया जाता है।
कमलेश्वर मंदिर के महंत 108 आशुतोष पुरी के अनुसार, “जो भक्त सावन सोमवार को पूर्ण श्रद्धा और निष्काम भाव से शिव अभिषेक करता है, उसे न केवल सांसारिक सुख-संपत्ति मिलती है बल्कि आध्यात्मिक शांति और आत्मकल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होता है।”
Sawan Somwar 2025- कमलेश्वर मंदिर में आत्मशुद्धि और मोक्ष का मार्ग
देहरादून के कमलेश्वर महादेव मंदिर में हर वर्ष की भांति इस बार भी विशेष महाआरती और रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया, मंदिर परिसर में भक्ति और भव्यता का अद्वितीय संगम देखने को मिला।
मंदिर महंत के अनुसार, सावन का यह पवित्र महीना केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और मोक्ष की ओर बढ़ने का अवसर है, भक्ति से भरा यह माह शिव कृपा से जीवन को नई दिशा देता है।
हरिद्वार से लेकर देहरादून, टिहरी से लेकर पौड़ी और काशीपुर से लेकर चंपावत तक पूरे उत्तराखंड में शिवालयों में भक्तों की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि सावन सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जनआस्था का महोत्सव है।
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