Richest Village Madhapar- गुजरात का एक छोटा सा गांव माधापर दुनिया का सबसे अमीर गांव बन चुका है। यह कच्छ जिले में है। इस गांव में 7,600 घर और 17 बैंक हैं। गांव ने तरक्की की नई मिसाल कायम की है।
माधापार के ज्यादातर लोग NRI हैं जो विदेश में रहकर भी अपने गांव से जुड़े हुए हैं। ये उसकी तरक्की में योगदान देते हैं।कभी मिट्टी के घरों और कम सुविधाओं वाले गांवों की तस्वीर जहन में आती थी लेकिन, माधापार ने इस सोच को बदल दिया है। यहां के लोग आधुनिक सुख-सुविधाओं के साथ रहते हैं। उनका जीवन स्तर ऊंचा है।
माधापार में कई स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल, कॉलेज, झीलें, हरियाली, बांध और मंदिर हैं। 1990 के दशक में जब तकनीकी क्रांति आई तो माधापार ने भी इसे अपनाया और भारत का पहला हाई-टेक गांव बन गया।

Richest Village Madhapar- 92,000 की आबादी में से 65% लोग NRI
माधापार की अमीरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां के 17 बैंकों में औसतन 5,000 करोड़ रुपये जमा हैं। यह रकम हर घर के हिसाब से लगभग 15 लाख रुपये होती है। इस अमीरी का मुख्य कारण विदेश में रहने वाले भारतीय (NRI) हैं। माधापार की 92,000 की आबादी में से 65% लोग NRI हैं जो अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों में रहते हैं। ये NRI अपने परिवारों को पैसे भेजते हैं जिससे गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
Richest Village Madhapar- लंदन में ‘माधापार ग्राम एसोसिएशन’ की स्थापना
Richest Village Madhapar- माधापार के लोगों ने अपनी जड़ों को नहीं भुलाया है। 1968 में लंदन में ‘माधापार ग्राम एसोसिएशन’ की स्थापना की गई थी। इस संस्था का उद्देश्य गांव के लोगों को एक-दूसरे से जोड़े रखना है। यहां के लोग खेती-बाड़ी भी करते हैं। उनका उत्पादन देशभर में भेजा जाता है। माधापार की कहानी हमें प्रेरित करती है। यह दिखाती है कि गांवों में भी तरक्की संभव है अगर लोगों में इच्छाशक्ति हो और वे एकजुट होकर काम करें।
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