हरिद्वार (haridwar) से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई हैं. यहां एक महिला का अंधविश्वास उसके कैंसर पीड़ित भतीजे के लिए काल बन गया. महिला को उम्मीद थी कि हरकी पैड़ी गंगा में डुबकियां लगाने से वह ठीक हो जाएगा. लेकिन जब बच्चें को गंगा से बाहर निकाला गया तब तक उसकी मौत हो गई थी. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.
कैंसर पीड़ित बच्चे को चाची ने गंगा में डुबोया !
मंत्रों का जाप करते रहे परिजन , पुलिस की छानबीन से पता चला है कि दिल्ली के सोनिया विहार के रहने वाले बच्चे को ब्लड कैंसर था और उसका इलाज सर गंगाराम अस्पताल में चल रहा था. लेकिन बच्चे के परिवार को उम्मीद थी कि वह गंगा में डुबकी लगाने से ठीक हो जाएगा.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब बच्चे के अभिभावक हर की पौड़ी के किनारे मंत्रों का जाप कर रहे थे तो उसकी चाची ने उसे गंगा में डुबाए रखा, बच्चा चीखता रहा लेकिन उन्होंने नजरअंदाज कर दिया. ऐसे में दम घुटने से उसकी मौत हो गई.

शव के सामने हंस रही थी चाची
पुलिस ने बताया कि बच्चे की मौत होने के बाद महिला शव को घाट पर लेकर बैठ गई थी. वह कभी हंस रही थी, तो कभी वहां मौजूद लोगों को भगा रही थी. इतना ही नहीं वह तो यह दावा भी कर रही थी कि बच्चा अभी जिंदा होकर खड़ा हो जाएगा. लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. फिलहाल, पुलिस गंगाराम अस्पताल की रिपोर्ट की जांच कर रही है और इस मामले में चाची समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है.
रवि ब्लड कैंसर से पीड़ित थे और उनका दिल्ली में इलाज चल रहा था। चार दिन पहले उन्हें एम्स अस्पताल ले जाया गया था. वहां डॉक्टरों ने बच्चे की हालत को देखते हुए उन्हें घर जाने की सलाह दी।
इसके बाद वह बच्चे को हरिद्वार ले आया।यहां उनकी पत्नी शांति और शांति की बहन सुधा कार से हरिद्वार पहुंचीं। चमत्कार की आशा में तीनों हरकी पैडी ब्रह्मकुंड पहुंचे और यहां शिशु स्नान किया। हालांकि उनका ये भी कहना है कि बच्चे की मौत पहले ही हो चुकी थी.