Minority Education Syllabus- अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने घोषणा की है कि कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए नया धार्मिक और मूल्यपरक (Value-based) पाठ्यक्रम तैयार करने हेतु विशेषज्ञ समितियों का गठन किया जाएगा। यह बात उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान कही।
Minority Education Syllabus- एनईपी-2020 पर फोकस
Minority Education Syllabus- बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार होने वाले इस विशेष पाठ्यक्रम में विषयवार विशेषज्ञ समितियां बनाई जाएंगी।
- प्रतिष्ठित विशेषज्ञ होंगे शामिल: इन समितियों में धार्मिक शिक्षा के प्रतिष्ठित और अनुभवी विशेषज्ञों को जगह दी जाएगी।
- उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP) के गाइडलाइंस के तहत एक ऐसा गुणवत्तापूर्ण और समावेशी पाठ्यक्रम तैयार करना है, जो छात्रों को नैतिक मूल्यों के साथ-साथ मुख्यधारा की शिक्षा से भी जोड़े।

मदरसों में आधुनिक शिक्षा के लिए चलेगा राज्यव्यापी अभियान
Minority Education Syllabus- बैठक में एक और बड़ा फैसला लेते हुए मदरसों के आधुनिकीकरण पर बल दिया गया। प्राधिकरण अब पूरे राज्य में एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने जा रहा है।
- प्रबंधकों व संचालकों को किया जाएगा जागरूक: इस अभियान का उद्देश्य मदरसों के प्रबंधकों और संचालकों को आधुनिक शिक्षा के महत्व को समझाना और इसे अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
- धार्मिक और आधुनिक शिक्षा का तालमेल: प्राधिकरण का लक्ष्य है कि मदरसों के छात्रों को पारंपरिक धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान, गणित और कंप्यूटर जैसी आधुनिक शिक्षा भी प्रभावी रूप से मिल सके।
- हर जिले में होगी निगरानी: यह अभियान प्राधिकरण के सम्मानित सदस्यों के नेतृत्व में और संबंधित जिला प्रशासन के पूर्ण सहयोग से हर जनपद में जमीनी स्तर पर चलाया जाएगा।
Minority Education Syllabus- प्राधिकरण के इस कदम से आने वाले समय में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों और मदरसों के छात्रों को रोजगारपरक और मूल्यपरक शिक्षा मिलने के नए रास्ते खुलेंगे।
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