Kanwar Yatra 2025- शिवभक्तों की आस्था का सैलाब, हरिद्वार से कांवड़ यात्रा 2025 का आगाज़

Kanwar Yatra 2025- देवभूमि उत्तराखंड में सावन के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा 2025 का शुभारंभ हो गया है। आज श्रावण कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर चतुर्दशी तक, देशभर से आए लाखों शिवभक्त हरिद्वार की पवित्र हर की पैड़ी से गंगाजल भरकर अपने-अपने नगरों, कस्बों और गांवों के शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे।

हरिद्वार, ऋषिकेश और अन्य गंगा तटवर्ती शहरों में ‘हर हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ धर्मनगरी की सड़कों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे हैं, और आगामी चौदह दिनों में यहां असंख्य कांवड़ियों के आगमन की संभावना है।

Kanwar Yatra 2025- तीन प्रमुख शिवभक्त यात्राएं

श्रावण मास में शिवभक्तों की तीन महायात्राएं होती हैं –

  • कांवड़ यात्रा
  • बाबा अमरनाथ यात्रा
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा

इन यात्राओं को अत्यंत पुण्यदायी और मोक्षदायक माना जाता है। भले ही ये यात्राएं कठिन और थकाने वाली हों, लेकिन भोलेनाथ के जलाभिषेक के साथ ही श्रद्धालुओं का मन आल्हादित और शांत हो जाता है।

Kanwar Yatra 2025- शिव की नगरी हरिद्वार का महत्व

मान्यता है कि सृष्टि के आरंभ में राजा दक्ष के यज्ञ के समय भगवान शंकर कनखल (हरिद्वार) आए थे। उसी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व के कारण हरिद्वार कांवड़ियों के लिए प्रमुख पड़ाव बन गया है।

Kanwar Yatra 2025- वर्ष में दो बार कांवड़ यात्रा निकलती है

  • फाल्गुन मास में (महाशिवरात्रि पर जल अर्पण)
  • श्रावण मास में (शिवचतुर्दशी पर जलाभिषेक)

इस बार श्रावण मास की शिव चौदस 23 जुलाई, बुधवार को है। धार्मिक गणनाओं के अनुसार इस बार एकादशी, द्वादशी और त्रयोदशी की तिथियां एक साथ पड़ रही हैं, जिससे त्रयोदशी तिथि क्षीण हो जाएगी और उसी दिन जल अर्पण का विशेष महत्व रहेगा।

Kanwar Yatra 2025- प्रशासन अलर्ट मोड पर

भीड़ और सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे, मेडिकल कैंप, जलपान केंद्र, और विश्राम स्थल तैयार किए गए हैं। पुलिस व अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

कांवड़ यात्रा न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण है। देशभर के कोने-कोने से आए श्रद्धालु, एक ही नारा लगाते हैं – “बोल बम! हर हर महादेव!”

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