Bear Attacks in Uttarakhand- चमोली जिले में इस वर्ष भालू का आतंक तेजी से बढ़ा है। वन विभाग के अनुसार 2024–25 में जिले में वन्यजीवों के कुल 25 हमलों में से 12 हमले अकेले भालू के रहे हैं। ज्योतिर्मठ क्षेत्र में भालू की सक्रियता सबसे अधिक है, जहां शाम ढलते ही भालू आबादी वाले इलाकों तक पहुंच रहा है। इसके अलावा दशोली, पोखरी, नंदानगर, देवाल, थराली और कर्णप्रयाग क्षेत्रों में भी भालू का आतंक बढ़ा है। भालू अब तक 30 से अधिक मवेशियों को भी मार चुका है।
पिछले वर्षों की तुलना में इस बार हमलों में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है। 2022–23 में 7 हमले हुए थे, जबकि 2023–24 में भालू ने 11 लोगों को घायल किया था, जिनमें एक की मौत भी हुई थी।
Bear Attacks in Uttarakhand- विकासखंड पोखरी के पाव गांव निवासी रामेश्वरी देवी (45) पर बुधवार को जंगल में घास लेते समय भालू ने हमला कर दिया। देर शाम घर न लौटने पर ग्रामीणों ने तलाश शुरू की और खून के धब्बे मिलने पर वन विभाग को सूचना दी। रात को सर्च अभियान अंधेरा होने के कारण रोकना पड़ा।
गुरुवार सुबह ग्रामीणों, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने खोज जारी की। रामेश्वरी देवी जंगल में चट्टान के नीचे खाई में एक पेड़ की आड़ में गंभीर रूप से घायल मिलीं। भालू ने उनके चेहरे को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया था। कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने उन्हें निकाला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एयर एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।
Bear Attacks in Uttarakhand- ग्रामिणों से सतर्क रहने की अपील
वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर ने बताया कि महिला को 1 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि—
- जंगल अकेले न जाएं
- समूह में जाएं और आवाज करते रहें
- खेतों-रास्तों के पास झाड़ियां साफ रखें
Bear Attacks in Uttarakhand- वन विभाग को अलर्ट, तकनीकी टीमें सक्रिय
Bear Attacks in Uttarakhand- प्रभारी जिलाधिकारी/सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने वन विभाग को भालू-प्रभावित क्षेत्रों में विशेष टीमें तैनात करने, नियमित गश्त बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
पूर्व मंत्री का तीखा हमला: “भालू को मारो या पकड़ो, लेकिन लोगों की जान बचाओ”
पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र भंडारी ने भालू हमलों पर गहरी नाराज़गी जताते हुए केदारनाथ वन प्रभाग के डीएफओ से मुलाकात की। उन्होंने कहा:
“लोगों की जान खतरे में है। भालू को मारो, पकड़ो, जो करना है करो, लेकिन नुकसान नहीं होना चाहिए। जब इंसान ही नहीं बचेगा तो मुआवजे का क्या मतलब?”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।