Antihail Net- उत्तराखंड में सेब और बागवानी फसलें होंगी और सुरक्षित

Antihail Net- प्रदेश में सेब और अन्य बागवानी फसलें अब अधिक सुरक्षित होंगी, केंद्र सरकार द्वारा एंटीहेल नेट पर दी जाने वाली 50 प्रतिशत सब्सिडी के अलावा, धामी कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि अब राज्य सरकार भी 25 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करेगी।

एंटीहेल नेट एक विशेष प्रकार की बुनी हुई प्लास्टिक की जाली है, जिसका उपयोग फलों और सब्जियों जैसी फसलों को ओलावृष्टि, तेज हवाओं और पक्षियों से बचाने के लिए किया जाता है। धामी कैबिनेट ने प्रस्ताव में बताया कि सेब, आडू, प्लम, खुबानी, नाशपाती जैसी बागवानी फसलें इस तकनीक से सुरक्षित रखी जा सकती हैं।

Antihail Net- सब्सिडी योजना का लाभ

बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार राज्य सरकार राज्यांश के रूप में 25 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगी। इसका उद्देश्य किसानों और बागवानों को तकनीकी साधनों के माध्यम से फसल सुरक्षा और उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह निर्णय राज्य में किसानों और बागवानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार की सहयोगी योजनाओं से प्रदेश की बागवानी फसलें सुरक्षित रहेंगे और आर्थिक नुकसान कम होगा।

Antihail Net- बागवानी क्षेत्र में वृद्धि

Antihail Net- प्रदेश में बागवानी और विशेषकर सेब की खेती आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है। ओलावृष्टि और पक्षियों से होने वाले नुकसान के कारण किसानों को अक्सर भारी नुकसान उठाना पड़ता है। एंटीहेल नेट की सब्सिडी से किसानों को फसल सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने में मदद मिलेगी और बागवानी क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने में सहूलियत होगी।

धामी कैबिनेट के इस फैसले से प्रदेश के बागवानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उत्तराखंड में बागवानी क्षेत्र को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

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