Those who hand over vehicles to children should now be careful.
हरिद्वार – अपने बच्चे को जीवन का उपहार दें, बाइक नहीं…ये स्लोगन हम अक्सर पढ़ते हैं, लेकिन इस पर अमल नहीं करते। हमारे आस-पास कई नाबालिग तेज रफ्तार से वाहन दौड़ाते मिल जाते हैं। इनकी वजह से कई बार हादसे भी होते हैं। उत्तराखंड में पुलिस ऐसे नाबालिगों के साथ-साथ उनके पैरेंट्स को भी खूब सबक सिखा रही है। हरिद्वार में पुलिस ने दोपहिया वाहन चला रहे नाबालिग को पकड़ लिया।
पुलिस ने उसके परिजनों को बुलाकर 38 हजार का चालान भी किया है। घटना बीती शाम की है। हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी संजीव चौहान चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने एक दोपहिया वाहन सवार लड़के को पकड़ा पूछताछ हुई तो पता चला कि लड़का नाबालिग है। उसके पास गाड़ी के कागज भी नहीं थे
जिस पर पुलिस ने किशोर के वाहन को सीज कर दिया। साथ ही उसके माता-पिता को भी फोन पर खूब खरी-खोटी सुनाई। चौकी प्रभारी संजीव चौहान ने बताया कि मोटर यान अधिनियम के तहत नाबालिग के वाहन चलाने पर 25 हजार रुपये जुर्माना निर्धारित है। पकड़े गए नाबालिग के पास ना तो ड्राइविंग लाइसेंस था और ना ही वाहन से जुड़ा अन्य कोई दस्तावेज। इसलिए 38 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की रकम उस व्यक्ति से वसूली जाएगी, जिसके नाम पर वाहन होगा। नाबालिग वाहन चालकों के कारण आए दिन सड़क हादसे सामने आ रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वो अपने नाबालिग बच्चों को वाहन न चलाने दें।
