Uttarakhand PCS-J
Uttarakhand PCS-J- बचपन से ही स्कूल में वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में मेरा रुझान देखकर पापा ने मुझे लॉ के क्षेत्र में जाने की सलाह दी। उनका सपना था कि मैं एलएलबी करने के बाद जज बनूं और समाज के वंचित तबके को न्याय दिला सकूं। तैयारी के बीच में ही पापा इस दुनिया को अलविदा कह गए।
वर्तमान समय में किसी भी परीक्षा को पास करना मुश्किल तो है, लेकिन नामुमकिन नहीं इस बात को साबित करके दिखाया है कोटद्वार की सृष्टि ने। बचपन से ही इनका वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में रुझान था जिसे देखते हुए उनके पापा ने उन्हें लॉ के क्षेत्र में जाने की सलाह दी।
उनका सपना था कि सृष्टि एलएलबी करने के बाद जज बने हुए समाज के वंचित तबके को न्याय दिलाना में मदद करे। लेकिन भगवान को शायद सृष्टि की सफलता के समय उनके पिता का साथ लिखना नहीं लिखा था इसलिए तैयारी के बीच में ही उनके पापा इस दुनिया को अलविदा कह गए।
Uttarakhand PCS-J- लॉ कॉलेज में सिल्वर मेडलिस्ट रही हैं सृष्टि उत्तराखंड पीसीएस-जे की परीक्षा पास करके जज बनी सृष्टि ने परीक्षाफल आते ही अपने पापा को याद किया और कहा ‘काश आज पापा होते तो, कितने खुश होते’ आज जज बनकर उनका सपना पूरा कर दिया है। इस ख़ुशी के साथ उन्होंने नम आँखों से अपने पापा को याद किया।
सृष्टि ने इलाहाबाद विवि से पांच वर्षीय इंटिग्रेटेड बीए-एलएलबी 2022 में पूरा किया, इसमें इन्होने सिल्वर मेडल हासिल किया। वर्तमान में सृष्टि इलाहाबाद विवि से ही एलएलएम की पढ़ाई कर रही हैं। उनके पिता स्व. गोपाल कृष्ण बनियाल बीईएल हरिद्वार से सेवानिवृत्त हुए थे।
लक्ष्य बनाकर उसपर मेहनत करोसृष्टि का कहना है कि पीसीएस-जे परीक्षा मुश्किल है लेकिन नामुमकिन नहीं है। कानून के क्षेत्र में दिनोंदिन आ रहे नए बदलावों और अपडेट्स को लेकर जागरूक रहें।
Uttarakhand PCS-J- कानून की व्यवहारिकता को अपने जीवन से जोड़कर देखें कि कैसे रियल लाइफ में कानून काम करता है। अगर लक्ष्य बनाकर एकजुटता से तैयारी करोगे तो आपकी जीत तय है।
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