1095 Review- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीएम हेल्पलाइन 1905 की विस्तृत समीक्षा बैठक में एक चौंकाने वाला रुझान सामने आया है। राज्य में पहली बार रसोई गैस सिलिंडर न भरने (रिफिलिंग) से जुड़ी जनसमस्याएं शीर्ष-10 शिकायतों में शामिल हुई हैं।
समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, आम जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने में पहाड़ों के जिलों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि मैदानी जिले सूची में सबसे निचले पायदान पर खिसक गए हैं।
- रसोई गैस की किल्लत: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तहत LPG सिलिंडर रिफिल न होने की शिकायतें पहली बार टॉप-10 मुख्य समस्याओं में शामिल।
- निस्तारण दर: गैस रिफिल से जुड़ी शिकायतों का 69.3% सफलता से समाधान किया गया।
- रुद्रप्रयाग बना नंबर-1: जनसमस्याओं के निस्तारण में 36.71% के साथ रुद्रप्रयाग जिला पूरे प्रदेश में शीर्ष पर।
- मैदानी जिले फिसड्डी: ऊधम सिंह नगर (21.08%) और नैनीताल (21.80%) तालिका में सबसे नीचे रहे।
- स्पीड में सुधार: शिकायतों की संख्या बढ़ने के बावजूद विभागों का रिस्पॉन्स टाइम घटा; राजस्व विभाग में औसतन 90 दिनों में होने वाला काम अब 54 दिनों में पूरा हो रहा है।
1095 Review- टॉप-10 में LPG सिलिंडर रिफिल की समस्या
सीएम हेल्पलाइन की ताजा रिपोर्ट में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से जुड़ी रसोई गैस सिलिंडर की शिकायतें सबसे प्रमुखता से उभरी हैं। पिछले दो वर्षों के रिकॉर्ड में यह समस्या कभी भी टॉप-10 में नहीं रही थी। हालांकि, सरकार ने इस पर त्वरित एक्शन लेते हुए 69.3 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित किया है।
गैस सिलिंडर के अलावा, गर्मियों में पानी न आने (पेयजल किल्लत), अघोषित बिजली कटौती और बिजली बिलों में संशोधन से संबंधित शिकायतें भी बड़ी संख्या में दर्ज की गई हैं।

1095 Review- जिलावार रिपोर्ट कार्ड
1095 Review- सीएम हेल्पलाइन 1905 में दर्ज शिकायतों के समाधान के मामले में पर्वतीय जिलों का प्रदर्शन मैदानी जिलों से काफी बेहतर रहा है:
शीर्ष 3 जिले:
- रुद्रप्रयाग: 36.71% सफल निस्तारण
- टिहरी गढ़वाल: 36.22%
- पौड़ी गढ़वाल: 35.76%
राजधानी का हाल:
- देहरादून: 32.28% निस्तारण दर के साथ मध्यम स्थान पर रहा।
सबसे निचले पायदान पर रहने वाले जिले:
- नैनीताल: 21.80%
- ऊधम सिंह नगर: 21.08%
1095 Review- शिकायतों का आंकड़ा 2.23 लाख पार
1095 Review- वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन दर्शाता है कि जनता का सीएम हेल्पलाइन पर भरोसा लगातार बढ़ा है:
- कुल शिकायतों में बढ़ोतरी: वित्तीय वर्ष 2024-25 में दर्ज 1,68,511 शिकायतों के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 2,23,001 तक पहुंच गई है।
- काम की रफ्तार में सुधार: शिकायतों की भारी बढ़ोतरी के बावजूद प्रमुख सरकारी विभागों में मामलों के निस्तारण का औसतन समय काफी घटा है। उदाहरण स्वरूप, राजस्व विभाग से जुड़े मामलों के निस्तारण में पहले जहां औसतन 90 दिन का समय लगता था, वह अब घटकर मात्र 54 दिन रह गया है।
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