EPFO News- पीएफ क्लेम का झंझट खत्म, अब 1 दिन में होगा सेटलमेंट

EPFO News- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने खाताधारकों और उनके आश्रितों को बड़ी राहत देते हुए अपनी सेवा प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव किया है। विभाग ने अब मृत्यु और सेवानिवृत्ति से जुड़े दावों के निपटान के लिए ‘उसी दिन भुगतान’ (सेम-डे क्लीयरेंस) की नीति अपना ली है। इस पूरी व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाने के लिए विभाग जल्द ही ‘सीआईटीईएस’ (CITES) सिस्टम को भी लागू करने जा रहा है।

देहरादून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजय ने इन नई प्राथमिकताओं और तकनीकी सुधारों को साझा किया।

EPFO News- संवेदना सेल

EPFO News- अपर केंद्रीय आयुक्त ने बताया कि विभाग ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्यालय में एक विशेष ‘संवेदना सेल’ की स्थापना की है।

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  • एकल संपर्क बिंदु (Single Point of Contact): यह सेल मृत्यु दावों के त्वरित, संवेदनशील और त्रुटिरहित निपटान के लिए ‘सिंगल विंडो’ के रूप में काम कर रहा है।
  • तीनों योजनाओं का लाभ एक साथ: इसके तहत ईपीएफ (EPF), ईपीएस (EPS) और ईडीएलआई (EDLI) योजनाओं से जुड़े मामलों को एक ही जगह संभाला जाता है, ताकि आश्रितों को अलग-अलग काउंटरों के चक्कर न काटने पड़ें।
  • विस्तार की योजना: उत्तराखंड में इस मॉडल की सफलता को देखते हुए अब इस मानवीय व्यवस्था को पूरे जोन में लागू करने की तैयारी की जा रही है।

EPFO News- उत्तराखंड में ईपीएफओ का दायरा

प्रेसवार्ता में साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में इस समय करीब 9,744 अंशदायी प्रतिष्ठान और 7,74,377 सदस्य ईपीएफओ से जुड़े हुए हैं। राहत की बात यह है कि प्रदेश में सभी प्रकार के दावों का निपटान तय समय-सीमा के भीतर ही किया जा रहा है। अब इस डिजिटल सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ व सुरक्षित बनाने के लिए सीआईटीईएस (CITES) को धरातल पर उतारा जा रहा है।

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“हमारा उद्देश्य सेवा वितरण को पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित बनाना है। अब किसी भी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति या असमय मृत्यु होने पर उनके परिजनों को भविष्य निधि के भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा। समय-सीमा के भीतर और पेपरलेस माध्यम से काम पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”- अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त अजय

EPFO News- ईपीएफओ के इस कदम से न केवल कामकाजी वर्ग का व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा, बल्कि संकट की घड़ी में मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को दफ्तरों की लालफीताशाही से भी बड़ी राहत मिलेगी।

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