उत्तराखंड में हर घर नल से जल पहुंचाने की जल जीवन मिशन योजना को आम बजट 2026-27 से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, बजट में किए गए प्रावधानों से न केवल योजना का करीब 20 प्रतिशत अधूरा काम पूरा हो सकेगा, बल्कि 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लंबित देनदारियां भी निपटने की संभावना है।
प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत कुल 14,49,170 लक्षित घरों में से 14,14,169 घरों तक पेयजल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। अब केवल लगभग पांच प्रतिशत घरों में कनेक्शन देना शेष है। इसके अलावा पेयजल योजनाओं की क्षमता बढ़ाने और अन्य अधोसंरचना से जुड़े करीब 20 प्रतिशत कार्य लंबे समय से अधूरे पड़े हैं।
बीते एक वर्ष से ये कार्य इसलिए अटके हुए हैं क्योंकि केंद्र सरकार से मांग के अनुरूप बजट जारी नहीं हो पा रहा था। रविवार को प्रस्तुत आम बजट से राज्य को इस योजना के लिए नई उम्मीद मिली है। योजना को पूर्ण रूप से लागू करने के लिए उत्तराखंड को लगभग 4,300 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।

केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन के लिए देशभर में बजट में 67,670 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साथ ही योजना की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक कर दिया गया है। इससे न केवल आवश्यक धनराशि मिलने की संभावना बढ़ी है, बल्कि समयसीमा बढ़ने से लंबित परियोजनाओं को पूरा करना भी आसान होगा।
बजट प्रावधानों से जल जीवन मिशन से जुड़े 5,000 से अधिक ठेकेदारों की लंबित देनदारियों के निपटारे का रास्ता भी साफ होगा। बजट के अभाव में ठेकेदारों के लगभग 1,200 करोड़ रुपये के बिल लंबे समय से अटके हुए हैं। इसके अलावा करीब 800 करोड़ रुपये की अन्य देनदारियां भी हैं। कुल मिलाकर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां बजट जारी होने के बाद चुकाए जाने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि हाल ही में भुगतान न होने से नाराज ठेकेदारों ने जल जीवन मिशन के निदेशक कार्यालय का घेराव भी किया था। आम बजट में किए गए प्रावधानों से अब योजना को गति मिलने और प्रदेश में हर घर नल से जल के लक्ष्य को जल्द हासिल करने की उम्मीद जताई जा रही है।