Uttarakhand Startup Ecosystem
Uttarakhand Startup Ecosystem- प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूती देने की दिशा में अब नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। राज्य सरकार की ओर से स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये के कार्पस फंड की व्यवस्था की गई है, लेकिन पिछले दो वर्षों से इसका अपेक्षित लाभ युवाओं तक नहीं पहुंच पा रहा था। कॉलेज स्तर पर आयोजित होने वाले स्टार्टअप बूट कैंप और उनके फिनाले न हो पाने के कारण कई नवाचार आधारित विचार और होनहार युवा उद्यमी अवसर से वंचित रह गए।
उद्योग विभाग की ओर से संचालित स्टार्टअप बूट कैंप प्रतियोगिता का फिनाले बीते दो वर्षों से आयोजित नहीं हो सका। इसका सीधा असर यह हुआ कि राज्य को लगभग 20 संभावनाशील युवा उद्यमी नहीं मिल पाए। नियमानुसार फिनाले में चयनित 10 विजेताओं को मुख्यमंत्री की ओर से एक-एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके साथ ही चयनित स्टार्टअप्स को राज्य स्टार्टअप पोर्टल पर पंजीकृत कर अपनी कंपनी स्थापित व संचालित करने के लिए 10 लाख रुपये तक का सरकारी आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया जाता है। फिनाले के अभाव में यह पूरी प्रक्रिया ठप रही और कई इनोवेशन आधारित स्टार्टअप शुरुआती चरण में ही रुक गए।
Uttarakhand Startup Ecosystem- हालांकि अब हालात में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। उद्योग विभाग के उपनिदेशक (स्टार्टअप प्रभारी) राजेंद्र कुमार ने बताया कि हाल ही में उन्हें इस दायित्व का प्रभार सौंपा गया है और जल्द ही लंबित स्टार्टअप बूट कैंप के फिनाले आयोजित किए जाएंगे। इससे न केवल रुकी हुई चयन प्रक्रिया पूरी होगी, बल्कि युवाओं में दोबारा उत्साह और भरोसा भी पैदा होगा।
स्टार्टअप बूट कैंप के तहत राज्य के सभी महाविद्यालयों, स्ववित्तपोषित संस्थानों, विश्वविद्यालयों, आईआईटी रुड़की, आईआईएम काशीपुर, पॉलिटेक्निक, आईटीआई, ग्राफिक एरा, यूपीईएस, आईएमएस यूनियन, डीआईटी, क्वांटम विश्वविद्यालय समेत कई शिक्षण संस्थानों के हजारों छात्र विभिन्न चरणों की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। इन कई दौर की प्रतिस्पर्धा के बाद शीर्ष 10 स्टार्टअप्स का चयन किया जाएगा, जिन्हें मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

Uttarakhand Startup Ecosystem- गौरतलब है कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच उत्तराखंड में 115 स्टार्टअप्स सामने आए हैं। राज्य सरकार ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 15 इनक्यूबेटर सेंटरों की स्थापना भी की है, ताकि युवाओं को तकनीकी मार्गदर्शन, मेंटरशिप और निवेश से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर कार्यक्रमों के नियमित आयोजन में आई ढिलाई एक बड़ी चुनौती बनी रही।
इसी बीच, केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा जारी स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग के पांचवें संस्करण में उत्तराखंड को ‘लीडर’ श्रेणी में स्थान मिला है। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर उद्योग विभाग को सर्टिफिकेट ऑफ एप्रीसिएशन भी प्रदान किया गया, जो राज्य में मजबूत और प्रभावी स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में किए गए प्रयासों को दर्शाता है।
Uttarakhand Startup Ecosystem- उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित बूट कैंप फिनाले के आयोजन से प्रदेश में स्टार्टअप गतिविधियों को नई गति मिलेगी और युवा उद्यमियों को अपने विचारों को जमीन पर उतारने का वास्तविक अवसर मिल सकेगा।
