Uttarakhand VidhanSabha Satr 2026- उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय ग्रीष्मकालीन सत्र बुधवार को तीव्र राजनीतिक हंगामे और गतिरोध के बाद समाप्त हो गया। विपक्षी दलों के कड़े विरोध और सदन के वेल में आकर प्रदर्शन करने के बावजूद, सरकार ने अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए महत्वपूर्ण वित्तीय और नीतिगत विधेयकों को मंजूरी दिला दी।
सत्र के अंतिम दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने आक्रामक रुख अपना लिया। तमाम विरोध और शोर-शराबे के बीच, सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹7,844.18 करोड़ के अनुपूरक बजट, विनियोग विधेयक और अन्य 10 संशोधनों व विधेयकों को ध्वनिमत से पारित करा लिया।
- कार्यवाही कई बार बाधित: सदन में नियम 310 के तहत चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी विधायक वेल में आ गए। उन्होंने काले झंडे दिखाए और कागजों के टुकड़े हवा में उछाले, जिसके चलते विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
- अंकिता भंडारी प्रकरण और भ्रष्टाचार के मुद्दे: सदन के भीतर और बाहर कांग्रेस विधायकों ने भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और बहुचर्चित अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर जोरदार नारेबाजी की।

Uttarakhand VidhanSabha Satr 2026- विपक्ष के धरने और सरकार का पलटवार
Uttarakhand VidhanSabha Satr 2026-सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक विधानसभा भवन के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे।
- संसदीय कार्यमंत्री का बयान: संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि “विपक्ष के पास नियम-58 के तहत चर्चा का मौका था, लेकिन उन्होंने ऐसा न करके प्रदेश का नुकसान किया है और जनता को गुमराह कर रहे हैं।”
- स्थानीय मुद्दे और निर्देश: सत्र के दौरान विधायक मोहम्मद शहजाद ने नियम 58 के तहत बाढ़ सुरक्षा का मामला उठाया। इसके अलावा कोटद्वार में मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के लिए दीवार निर्माण में स्थानीय लोगों द्वारा खर्च किए गए पैसे का मुद्दा भी गरमाया, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सरकार को जनता का पैसा वापस लौटाने के निर्देश दिए।
Uttarakhand VidhanSabha Satr 2026-फोटो सेशन को लेकर तनातनी
Uttarakhand VidhanSabha Satr 2026-विधानसभा सत्र के समापन के दौरान फोटो सेशन को लेकर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
विधायक अरविंद पांडेय ने विपक्ष द्वारा फोटो सेशन का बहिष्कार करने की कड़ी निंदा की और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसके खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की। दूसरी ओर, विपक्ष का तर्क था कि सदन में विधायकों के साथ हुए व्यवहार और जनमुद्दों की अनदेखी के बाद फोटो सेशन में शामिल होने का कोई औचित्य नहीं बनता था। भ
राड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा भवन में इस वर्ष मार्च के बाद यह दूसरी बार सत्र आयोजित हुआ। राज्य गठन के बाद गैरसैंण में विधायी परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए इस बार का सत्र दो दिवसीय रहा, जिसमें कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं और बजट प्रस्तावों पर मुहर लगी। अंत में, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
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