Uttarakhand Special Summary Revision- उत्तराखंड में निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सचिवालय/निर्वाचन भवन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में ईवीएम चेकिंग से लेकर नई वोटर लिस्ट तैयार करने के शेड्यूल पर पॉवरपॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए विस्तृत जानकारी साझा की गई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनैतिक दलों को अवगत कराया कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार:
- प्रथम स्तरीय जांच (First Level Checking – FLC): 23 अक्टूबर से प्रदेश के सभी जनपदों में ईवीएम और वीवीपीएटी (EVM-VVPAT) मशीनों की FLC प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
- राजनैतिक दलों की भागीदारी: इस पूरी मॉक पोल और तकनीकी चेकिंग प्रक्रिया के दौरान सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
Uttarakhand Special Summary Revision- विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2027 (SSR) का पूरा शेड्यूल

Uttarakhand Special Summary Revision- प्रदेश में 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि (18 वर्ष पूरे करने वाले युवा) के आधार पर मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण अभियान की घोषणा की गई:
- विशेष अभियान की सफलता: 12 अक्टूबर से 20 अक्टूबर के बीच चलाए गए विशेष अभियान के दौरान राज्यभर में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के 1,00,744 (1 लाख 744) आवेदन प्राप्त हुए हैं।
- ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन: 12 नवंबर 2026 को ड्राफ्ट (प्रारूप) मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा।
- दावे एवं आपत्तियां: 12 नवंबर 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक नागरिक अपने दावे और आपत्तियां (नाम जोड़ना, हटाना या संशोधन) दर्ज करा सकेंगे।
- सुनवाई की समय-सीमा: दर्ज दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा।
- अंतिम वोटर लिस्ट: 4 जनवरी 2027 को संशोधित एवं अद्यतन मतदाता सूची का अंतिम (Final) प्रकाशन होगा।
Uttarakhand Special Summary Revision- फॉर्म-7 आवेदन के लिए कड़े नियम
Uttarakhand Special Summary Revision- फर्जी या दुर्भावनापूर्ण आवेदनों को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने फॉर्म-7 (नाम हटाने/आपत्ति दर्ज करने) के संबंध में कड़े नियम लागू किए हैं:

दावों-आपत्तियों की पूरी अवधि के दौरान कोई भी आक्षेपकर्ता (Objector) अधिकतम 10 फॉर्म-7 आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। मतदाता सूची के सतत अद्यतन (Continuous Updation) की अवधि में एक व्यक्तिगत मतदाता प्रति माह अधिकतम 5 फॉर्म-7 आवेदन ही जमा कर पाएगा।
इस बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास मौजूद रहे।
वहीं राजनैतिक दलों की ओर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) से राजकुमार पुरोहित, इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) से अमेंद्र बिष्ट, बहुजन समाज पार्टी (BSP) से सतेंद्र चोपड़ा, आम आदमी पार्टी (AAP) से श्याम बाबू पांडेय और सीपीआई (एम) से अनंत आकाश ने भाग लिया।
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