Kitab Kauthig- देवभूमि की आबोहवा में एक बार फिर साहित्य, संस्कृति और पठन-पाठन की महक बिखरने जा रही है। राजधानी देहरादून के दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में 23 अक्टूबर से पहली बार बहुप्रतीक्षित ‘किताब कौथिग’ का आगाज होने जा रहा है। डिजिटल और स्क्रीन के इस दौर में बच्चों, युवाओं और आम जनता को किताबों के करीब लाने और अध्ययन की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह तीन दिवसीय आयोजन मील का पत्थर साबित होगा।
किताब कौथिग के इस महाकुंभ में देश और दुनिया के नामी-गिरामी 75 से अधिक प्रतिष्ठित प्रकाशक शिरकत कर रहे हैं। पाठकों को एक ही जगह पर कला, साहित्य, इतिहास, विज्ञान, फिक्शन, बाल साहित्य और विभिन्न समसामयिक विषयों की लगभग 80,000 पुस्तकें उपलब्ध होंगी। दून पुस्तकालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डी.के. पाण्डे ने बताया कि यह आयोजन स्कूली बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक सुनहरा अवसर है।
मेले में हाल ही में आयोजित ‘बालप्रहरी बाल लेखन कार्यशाला’ के दौरान बच्चों द्वारा खुद तैयार की गई हस्तलिखित पुस्तकों का विशेष स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।

Kitab Kauthig- बच्चों के लिए विशेष गतिविधियां
Kitab Kauthig- बच्चों में रचनात्मकता बढ़ाने और उन्हें विज्ञान व कला से जोड़ने के लिए कई रोचक गतिविधियां डिजाइन की गई हैं:
- साइंस और एआई कॉर्नर: बच्चों को आधुनिक तकनीक और विज्ञान के प्रयोगों से रूबरू कराने के लिए विशेष सत्र।
- रचनात्मक कार्यशालाएं: कठपुतली निर्माण, भाषा-संस्कृति, वॉल पेंटिंग और साहसिक खेलों से जुड़ी गतिविधियां।
- इसके माध्यम से बच्चों को अपनी सोच का दायरा बढ़ाने और अपनी प्रतिभा को निखारने का पूरा मंच मिलेगा।
Kitab Kauthig- नेचर वॉक और सांस्कृतिक संध्याएं

Kitab Kauthig- समय साक्ष्य के प्रकाशक प्रवीन भट्ट ने जानकारी दी कि इस आयोजन में केवल किताबों की बिक्री ही नहीं होगी, बल्कि पाठकों को देश के जाने-माने साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और रंगकर्मियों से सीधे मिलने और वैचारिक चर्चा करने का मौका मिलेगा। सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रम: मेले के दौरान नेचर वॉक, भव्य काव्य गोष्ठियां, पारंपरिक हस्तशिल्प के स्टॉल और आमंत्रित कलाकारों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक संध्याएं प्रस्तुत की जाएंगी।
किताबों के साथ-साथ यह मेला युवाओं के भविष्य को भी दिशा देने का काम करेगा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले विषय विशेषज्ञों द्वारा विशेष करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। छात्र इन सत्रों के माध्यम से अपने भविष्य, उच्च शिक्षा और करियर के नए विकल्पों को लेकर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
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