Surender Koli Death
Surender Koli Death- देशभर में सनसनी फैलाने वाले बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। हरिद्वार पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से शहर में रहकर चाय बेचने का काम कर रहा था। उसका शव सप्त सरोवर रोड स्थित लालमाता मंदिर के सामने एक चाय की दुकान पर रस्सी के फंदे से लटका हुआ मिला।
घटना की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली की सप्त ऋषि पुलिस चौकी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली (निवासी ग्राम मंगरुखाल, भिकियासैंण, अल्मोड़ा) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके अल्मोड़ा स्थित परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और हर एंगल से मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
Surender Koli Death- मामले की पृष्ठभूमि

- चाय की दुकान पर कर रहा था काम: शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने जानकारी दी कि सुरेंद्र कोली कुछ महीनों से हरिद्वार में किराए पर चाय का खोखा लेकर अपनी आजीविका चला रहा था।
- सुसाइड नोट बरामद नहीं: पुलिस की शुरुआती जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर आत्महत्या के कारणों की छानबीन कर रही है।
- सुप्रीम कोर्ट से हुआ था बरी: गौरतलब है कि साल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी कांड के इस मामले में सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया था।
- निठारी कांड का इतिहास: देश को झकझोर देने वाला यह बहुचर्चित हत्या और दुष्कर्म कांड साल 2006 में सामने आया था। इस मामले में पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में साल 2015 में अदालत ने उम्रकैद में बदल दिया था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद वह जेल से बाहर आया था और हरिद्वार में सामान्य जीवन जीने का प्रयास कर रहा था।
Surender Koli Death- पुलिस और फॉरेंसिक टीमें मौके पर मौजूद हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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