Kainchi Dham Yatra
Kainchi Dham Yatra- नीब करौरी बाबा महाराज की तपस्थली और विश्व प्रसिद्ध आस्था के केंद्र कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और यातायात प्रबंधन को लेकर प्रशासन ने नई गाइडलाइन और ट्रैफिक प्लान लागू किया है। भवाली-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित इस आश्रम में दर्शन के लिए आने वाले पर्यटकों को मौसम, भीड़ और नई व्यवस्थाओं की जानकारी रखना बेहद अनिवार्य है।
Kainchi Dham Yatra- रूट प्लान, बाईपास और शटल सेवा

- भवाली-रातीघाट बाईपास: वीकेंड और पर्वों पर लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन ने दूनीखाल-रातीघाट बाईपास मार्ग पर बेली ब्रिज का निर्माण कर यातायात शुरू किया है। इससे हल्द्वानी और अल्मोड़ा के बीच आवाजाही करने वाले भारी वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है।
- वीकेंड पर वाहनों की नो-एंट्री: शनिवार और रविवार को कैंची धाम मार्ग पर निजी टैक्सी और दोपहिया वाहनों की सीधी आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- अनिवार्य शटल सेवा: सैनिटोरियम और विकास भवन पार्किंग से श्रद्धालुओं के लिए विशेष शटल बसें चलाई जा रही हैं। निजी वाहन स्वामियों को इन्हीं निर्धारित पार्किंग स्थलों पर गाड़ियां पार्क कर शटल बस का प्रयोग करना होगा।

Kainchi Dham Yatra- मौसम और भीड़ प्रबंधन एडवाइजरी
- बेस्ट विजिटिंग सीजन (अक्टूबर से मई): शांतिपूर्ण दर्शन के लिए शरद ऋतु और वसंत का मौसम सबसे मुफीद माना जाता है। ग्रीष्मकालीन छुट्टियों (अप्रैल-जून) के दौरान अत्यधिक रश रहता है।
- सप्ताह के मध्य चयन करें: वीकेंड (शनिवार-रविवार) की तुलना में सोमवार से गुरुवार के बीच सुबह 6:00 से 8:00 बजे के दौरान मंदिर में सबसे शांत और सुलभ दर्शन होते हैं।
- मानसून अलर्ट (जुलाई से सितंबर): पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के चलते भूस्खलन और मलबे की समस्या बनी रहती है। यात्रा से पूर्व स्थानीय पुलिस और मौसम विभाग (IMD) की एडवाइजरी अवश्य जांचें।
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