Uttarakhand Horticulture- उत्तराखंड में जायका से वित्त पोषित एकीकृत बागवानी विकास परियोजना के तहत अब क्लस्टर क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ सप्लाई चेन और छोटे आकार के कोल्ड स्टोरेज विकसित किए जाएंगे। पर्वतीय क्षेत्रों की जरूरत को देखते हुए 30 मीट्रिक टन क्षमता वाले छोटे कोल्ड स्टोरेज विकसित करने और जरूरत के अनुसार इनकी संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। सोलर आधारित कोल्ड स्टोरेज की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने परियोजना के सभी घटकों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए वर्षवार लक्ष्य तय कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।
Uttarakhand Horticulture- 16 क्लस्टरों में सिंचाई व्यवस्था होगी मजबूत
Uttarakhand Horticulture- एकीकृत बागवानी विकास परियोजना के तहत नैनीताल, पिथौरागढ़, टिहरी और उत्तरकाशी जिलों के 16 विकासखंडों में 16 क्लस्टर आधारित बिजनेस ऑर्गनाइजेशन बनाए गए हैं।
मुख्य सचिव ने इन सभी क्लस्टर आधारित संगठनों की अलग-अलग समीक्षा करने पर जोर दिया, ताकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों की पहचान की जा सके और उनकी सफल गतिविधियों को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बागवानी की व्यापक संभावनाएं हैं, लेकिन उत्पादन बढ़ाने के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा जरूरी है। इसको देखते हुए प्रमुख सचिव सिंचाई को सभी 16 क्लस्टरों में निश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

Uttarakhand Horticulture- छोटे कोल्ड स्टोरेज और सोलर मॉडल पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय जरूरतों के अनुसार बड़े कोल्ड स्टोरेज के बजाय 30 मीट्रिक टन क्षमता वाले छोटे कोल्ड स्टोरेज विकसित किए जाएं।
उन्होंने जरूरत के अनुसार ऐसे कोल्ड स्टोरेज की संख्या बढ़ाने के साथ सोलर आधारित कोल्ड स्टोरेज की संभावनाओं का भी अध्ययन करने के निर्देश दिए। इससे बागवानी उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
Uttarakhand Horticulture- सप्लाई चेन को मजबूत करने पर फोकस
Uttarakhand Horticulture- परियोजना के तहत केवल उत्पादन बढ़ाने के बजाय बागवानी उत्पादों की पूरी सप्लाई चेन विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे किसानों के उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने, भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्य सचिव ने परियोजना के विभिन्न घटकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने एकीकृत बागवानी विकास परियोजना को पीएम गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। इससे परियोजना की GIS आधारित डिजिटल मैपिंग की जा सकेगी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के लिए वर्षवार लक्ष्य निर्धारित कर कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।

Uttarakhand Horticulture- 2029 तक चलेगी परियोजना
Uttarakhand Horticulture- एकीकृत बागवानी विकास परियोजना की शुरुआत अप्रैल 2022 में हुई थी और इसकी अवधि दिसंबर 2029 तक निर्धारित है। परियोजना के माध्यम से राज्य में बागवानी क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और किसानों की आय तथा बाजार तक पहुंच को मजबूत करने का लक्ष्य है।
Uttarakhand Horticulture- पॉलीहाउस योजना की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश
मुख्य सचिव ने पॉलीहाउस योजना की साप्ताहिक समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए।
इसके अलावा महक क्रांति के तहत वर्ष 2036 तक के लिए वर्षवार लक्ष्य निर्धारित करने को कहा गया, ताकि योजना के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी की जा सके।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. एसएस पांडेय समेत संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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