VB GRAM G in Uttarakhand- उत्तराखंड में VB-G RAM G योजना शुरू, मिलेगी ज्यादा दिहाड़ी

VB GRAM G in Uttarakhand- उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आजीविका की तस्वीर बदलने के लिए आज से एक बड़े और ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो गई है। लगभग दो दशकों से ग्रामीण रोजगार की रीढ़ रही ‘मनरेगा’ (MGNREGA) योजना अब इतिहास बन गई है। इसकी जगह आज, 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण’ (VB-G RAM G) को पूरी तरह लागू कर दिया गया है।

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इस नई व्यवस्था को अमलीजामा पहनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को ही अपना गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। केंद्र सरकार ने इस ऐतिहासिक कानून के संबंध में 11 मई को ही देशव्यापी अधिसूचना जारी कर दी थी, जिसके बाद उत्तराखंड इसे लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

VB GRAM G in Uttarakhand- दिहाड़ी भी हुई ज्यादा

VB GRAM G in Uttarakhand- इस नई योजना का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण श्रमिकों को उनके काम के दिनों और मजदूरी के रूप में मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:

  • 125 दिन के रोजगार की गारंटी: अब तक मनरेगा में श्रमिकों को साल में अधिकतम 100 दिन का काम मिलता था, जिसे इस नई योजना में बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
  • मजदूरी में बढ़ोतरी: देश भर में अब न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये तय की गई है, जिसके चलते औसत दिहाड़ी ₹298.8 से बढ़कर अब ₹327.4 प्रतिदिन हो गई है।
  • बेरोजगारी भत्ता: यदि योजना के तहत आवेदन करने के बाद तय समय सीमा के भीतर श्रमिक को काम नहीं मिलता है, तो उसे अनिवार्य रूप से बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
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VB GRAM G in Uttarakhand- 18 प्रकार के कार्यों से संवरेगा गांवों का बुनियादी ढांचा

VB GRAM G in Uttarakhand- ‘वीबी जी राम जी’ योजना में कार्यों के दायरे को काफी बड़ा और वैज्ञानिक बनाया गया है। अब श्रमिकों से केवल पारंपरिक मजदूरी ही नहीं कराई जाएगी, बल्कि उनके हुनर का इस्तेमाल ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में होगा। इस नई व्यवस्था में कुल 318 प्रकार के कामकाज तय किए गए हैं:

  • ग्रामीण बुनियादी ढांचा: मूल रूप से ग्रामीण मूलभूत ढांचे के विकास से संबंधित 88 कार्यों को इसमें शामिल किया गया है।
  • रिपेयर और मेंटेनेंस: गांवों में पहले से बनी संपत्तियों की देखरेख और मरम्मत के लिए 97 प्रकार के कार्य तय किए गए हैं।
  • आपदा और जल संरक्षण: उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए श्रमिकों को ग्रामीण आजीविका के साथ-साथ जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और आपदा राहत कार्यों में भी मुस्तैदी से लगाया जा सकेगा।

VB GRAM G in Uttarakhand- बुजुर्गों और दिव्यांगों को विशेष रियायत

इस नई योजना को बेहद समावेशी बनाया गया है। इसमें दिव्यांगजनों, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों और बुजुर्गों को उनकी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही काम सौंपा जाएगा। दिव्यांग लाभार्थियों को भारी शारीरिक श्रम के बजाय सुपरवाइजरी (निगरानी) से जुड़े काम दिए जाएंगे और उनके लिए अलग रंग के ‘ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी होंगे। इसके साथ ही उन्हें रोजाना की हाजिरी और काम के घंटों में भी विशेष छूट दी जाएगी।

यह नया कानून ‘विकसित भारत @2047‘ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसका मूल उद्देश्य केवल दिहाड़ी मजदूरी देना नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना और गांवों में स्थाई संपत्तियों का निर्माण करना है।

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