Pithoragarh Congress Dispute- उत्तराखंड कांग्रेस में सरेआम घमासान! अध्यक्ष के सामने ही भिड़े नेता

Pithoragarh Congress Dispute- उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तारीखों का अभी औपचारिक एलान भी नहीं हुआ है, लेकिन मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर मचा घमासान अब ‘अग्निपरीक्षा’ के दौर में पहुंच चुका है। बंद कमरों में सुलग रही गुटबाज़ी और अंतर्कलह अब सीधे सार्वजनिक मंचों पर आकर मर्यादा लांघने लगी है। पिथौरागढ़ में प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में जिस तरह मंच पर ही नेताओं के बीच तीखी तकरार हुई, उसने साफ कर दिया है कि आगामी चुनावों में टिकटों का बंटवारा पार्टी नेतृत्व के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द साबित होने वाला है।

Pithoragarh Congress Dispute- पिथौरागढ़ का ‘मंच संग्राम’

Pithoragarh Congress Dispute- पिथौरागढ़ में आयोजित कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने ही विवाद का सबसे बड़ा धमाका हुआ। मंच पर नेताओं के बीच हुई तीखी बहसबाज़ी और हंगामे ने प्रदेश संगठन को हिलाकर रख दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश नेतृत्व ने तुरंत सख्त डैमेज कंट्रोल कदम उठाए हैं:

  • कमेटी भंग: पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के चलते पिथौरागढ़ की जिला महिला कांग्रेस कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
  • नोटिस जारी: हंगामे और मर्यादा लांघने के आरोप में पिथौरागढ़ के तीन बड़े स्थानीय नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

Pithoragarh Congress Dispute- राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पिथौरागढ़ का यह घटनाक्रम तो सिर्फ एक बानगी है, असली घमासान अभी कई अन्य हॉट-सीटों पर होना बाकी है जहाँ दावेदारों की लंबी फेहरिस्त ने पार्टी के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी हैं।

Pithoragarh Congress Dispute

Pithoragarh Congress Dispute- जिला अध्यक्षों में भारी असंतोष

कांग्रेस के भीतर मचे इस बवाल की दूसरी बड़ी वजह प्रदेश प्रभारी का एक हालिया फरमान है। इस फरमान ने जमीन पर सालों से मेहनत कर रहे जिला अध्यक्षों की रातों की नींद उड़ा दी है।

क्या है फरमान? प्रदेश प्रभारी ने साफ निर्देश दिया है कि जो भी जिला अध्यक्ष आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता है, उसे पहले अपने संगठनात्मक पद से इस्तीफा देना होगा ताकि वह पूरी तरह चुनाव पर ध्यान दे सके।

इस नियम के आते ही पार्टी के भीतर आंतरिक नाराजगी और बढ़ गई है। सालों से संगठन को सींचने वाले जिला अध्यक्ष अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वे इस फैसले के विरोध में अपनी बात पार्टी हाईकमान (दिल्ली) के सामने भी रख चुके हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है।

Pithoragarh Congress Dispute

Pithoragarh Congress Dispute- कांग्रेस के भीतर जारी कलह के 3 बड़े केंद्र

  • सार्वजनिक मंच पर गुटबाज़ी: अनुशासनहीनता के चलते जिला महिला कांग्रेस कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है और मर्यादा लांघने के आरोप में तीन बड़े स्थानीय नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
  • एक व्यक्ति, एक पद’ का नियम: चुनाव लड़ने के लिए संगठनात्मक पद छोड़ने के आदेश से जिला अध्यक्ष बेहद नाराज हैं। वे अपनी इस असुरक्षा और शिकायत को लेकर सीधे दिल्ली हाईकमान की चौखट पर पहुंच चुके हैं।
  • दावेदारों की लंबी फेहरिस्त: राज्य की कई संवेदनशील सीटों पर एक-एक टिकट के लिए 4 से 5 मजबूत दावेदार आमने-सामने खड़े हैं। टिकट न मिलने की स्थिति में बगावत और भीतरघात का खतरा लगातार मंडरा रहा है।

Pithoragarh Congress Dispute- नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौतियां

Pithoragarh Congress Dispute- भले ही पिथौरागढ़ में त्वरित कार्रवाई करके प्रदेश अध्यक्ष और संगठन ने अनुशासन का संदेश देने की कोशिश की हो, लेकिन इस चिंगारी की आंच अन्य जिलों तक फैलने से रोकना सबसे बड़ी चुनौती है। यदि जिला अध्यक्षों और स्थानीय विधायकों के बीच का यह शीतयुद्ध जल्द नहीं सुलझाया गया, तो ऐन चुनाव के वक्त पार्टी को भीतरघात और बागियों के बड़े संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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