NCERT Class 9 Syllabus
NCERT Class 9 Syllabus- भारत में साल 1975 में लागू किए गए आपातकाल के लगभग पांच दशक बाद, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने स्कूली पाठ्यक्रम में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। एनसीईआरटी ने पहली बार कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में आपातकाल के काले दौर को एक विशेष खंड के रूप में शामिल किया है। नए पाठ्यक्रम में इसे भारतीय लोकतंत्र के सामने आई ‘प्रमुख चुनौतियों में से एक’ के तौर पर पेश किया गया है।
देश द्वारा 1975 के आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने के समय को देखने के बाद यह महत्वपूर्ण बदलाव पाठ्यक्रम का हिस्सा बना है, आपातकाल का यह विवरण सोशल साइंस की हाल ही में तैयार की गई नई किताब ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ (Understanding Society: India and Beyond) में जोड़ा गया है, किताब में साफ तौर पर जिक्र है कि इस दौरान नागरिकों के ज्यादातर मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे।
NCERT Class 9 Syllabus- क्यों शामिल हुआ यह विषय?
एनसीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि यह पहली बार है जब कक्षा 9वीं के स्तर पर छात्रों को आपातकाल के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाएगा। यह बदलाव भारतीय लोकतंत्र की खूबियों और उसके सामने समय-समय पर आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण करने वाले एक विशेष अध्याय के तहत किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को भारतीय लोकतांत्रिक संस्थाओं के उतार-चढ़ाव और उनकी मजबूती के इतिहास से रूबरू कराना है।

NCERT Class 9 Syllabus- पाठ्यपुस्तक में क्या लिखा है?
NCERT Class 9 Syllabus- किताब में 1975 से 1977 के बीच के दौर को भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी परीक्षा के रूप में दर्शाया गया है। पुस्तक के अंश के अनुसार:
“भारत में लोकतंत्र के सामने एक बड़ी चुनौती तब आई जब 1975-77 में आपातकाल लगाया गया। 1970 के दशक की शुरुआत में इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति जनता में असंतोष बढ़ रहा था। बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और कुशासन के आरोपों के कारण बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए।”
NCERT Class 9 Syllabus- इसके साथ ही, तत्कालीन सरकार द्वारा नागरिकों और संस्थाओं पर बनाए गए दबाव का भी बेबाकी से उल्लेख किया गया है:
- आंतरिक अशांति का आधार: जून 1975 में सरकार ने ‘आंतरिक अशांति’ को आधार बनाकर देश में आपातकाल लागू किया था।
- आजादी पर प्रहार: इस दौरान नागरिकों की आजादी पूरी तरह सीमित कर दी गई और उनके मौलिक अधिकार सस्पेंड रहे।
- सेंसरशिप और गिरफ्तारियां: प्रेस पर सख्त सेंसरशिप (पहला) लगाई गई और देश के कई बड़े राजनीतिक नेताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को सलाखों के पीछे डाल दिया गया, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भारी दबाव पड़ा।
NCERT Class 9 Syllabus- ‘लोकनायक’ की भूमिका
NCERT Class 9 Syllabus- इस नए सेक्शन में सिर्फ आपातकाल के कठोर फैसलों का ही नहीं, बल्कि इसके खिलाफ खड़े हुए जन-आंदोलन और उसमें ‘लोकनायक’ जयप्रकाश नारायण (JP) की भूमिका को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया है:
जन-आंदोलन की लामबंदी: एक कुशल राजनीतिक नेता और समाजवादी विचारक के रूप में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलनों ने छात्रों और आम नागरिकों को बड़े पैमाने पर एकजुट किया, जिसका मुख्य केंद्र बिहार और गुजरात बने।
लोकतंत्र की बहाली और सीख: किताब के अंत में लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत पर प्रकाश डालते हुए लिखा गया है कि 1977 में जब आपातकाल हटा और आम चुनाव हुए, तो जनता ने वोट की ताकत दिखाई। तत्कालीन सत्ताधारी सरकार की करारी हार ने यह साबित कर दिया कि भारतीय लोकतंत्र कितना मजबूत है और नागरिकों के जीवन में स्वतंत्रता का क्या महत्व है।
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