Uttarakhand BJP
Uttarakhand Elections- उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक सक्रियता तेज कर दी है, पार्टी राज्य को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मान रही है, यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष तक लगातार उत्तराखंड का दौरा कर चुके हैं, इन दौरों के जरिए भाजपा जहां संगठन को मजबूती देने में जुटी है, वहीं कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने का प्रयास भी किया जा रहा है।
भाजपा नेतृत्व का फोकस साफ तौर पर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर है। पार्टी “बूथ जीतो, चुनाव जीतो” की रणनीति के तहत हर स्तर पर सक्रियता बढ़ा रही है, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का ताजा दौरा भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, वे प्रदेश कोर कमेटी, कैबिनेट मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठकों के अलावा बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से संवाद कर संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा करेंगे।
पिछले वर्ष नवंबर से ही भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की उत्तराखंड में सक्रियता लगातार बढ़ी है, राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून पहुंचे थे, इसके बाद फरवरी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में भाजपा कोर कमेटी की अहम बैठक हुई।
Uttarakhand Elections- मार्च में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरिद्वार और हल्द्वानी में कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जबकि रक्षा मंत्री ने भी हल्द्वानी में जनसभा और संगठनात्मक बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं से संवाद किया, 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे परियोजना का उद्घाटन किया और जनसभा को संबोधित किया, इस दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी राज्य से जुड़ी सड़क और आधारभूत संरचना परियोजनाओं की जानकारी साझा की।

अब भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दौरा संगठनात्मक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनावी सफलता का आधार मजबूत बूथ नेटवर्क और सक्रिय कार्यकर्ता ही होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए संगठन की कमियों को दूर करने और मजबूत क्षेत्रों को और सुदृढ़ करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
हाल के महीनों में प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया गया, जिसके जरिए भाजपा ने क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण साधने का प्रयास किया, इसके अलावा करीब 80 नए दायित्वधारियों की नियुक्ति कर संगठन में कार्यकर्ताओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें जिम्मेदारी का संदेश देने की कोशिश की गई है।
Uttarakhand Elections- भाजपा अब संगठन, सरकार की योजनाओं और केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता के सहारे उत्तराखंड में चुनावी जमीन को और मजबूत करने में जुटी हुई है।
