Uttarakhand Budget 2026
Uttarakhand Budget 2026-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 32 विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें से 28 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, सबसे अहम फैसला आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर रहा, इस बार राज्य सरकार करीब 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश करेगी, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। बजट में जरूरत पड़ने पर संशोधन करने का अधिकार भी मुख्यमंत्री को दिया गया है।
- शिक्षा और युवा
- उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए “मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना” का विस्तार किया गया है। 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। “स्वामी विवेकानंद उत्तराखंड पुस्तकालय योजना” को मंजूरी मिली है, जिससे छात्रों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं मिलेंगी।
- महिला और बाल विकास
- “मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना” में संशोधन कर अंडा, दूध और केला के साथ अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी शामिल किए जाएंगे। “बाल पालाश योजना” के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों को दी जाने वाली सामग्री में नई चीजें जोड़ी जाएंगी।

Uttarakhand Budget 2026- पर्यावरण और शहरी विकास
प्रदेश के सभी 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंता के पद सृजित होंगे। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारियों के लिए नई सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई। उपचारित जल के सुरक्षित पुन: उपयोग की नीति 2026 को भी हरी झंडी मिली है।
- कृषि और ग्रामीण विकास
- सेब की अत्याधुनिक नर्सरी विकास योजना 2026 और मौन पालन नीति 2026 को मंजूरी दी गई है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
- न्याय और प्रशासनिक सुधार
- देहरादून में जीएसटी अपीलीय अधिकरण की राज्य पीठ यथावत रहेगी और हल्द्वानी में नई पीठ या सर्किट बेंच स्थापित की जाएगी। विकासनगर, काशीपुर और नैनीताल में तीन नए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट बनाए जाएंगे। नैनीताल हाईकोर्ट और जिला न्यायालयों के लिए 14 नए कोर्ट मैनेजर पद सृजित होंगे।
Uttarakhand Budget 2026- अन्य महत्वपूर्ण फैसले
चार विशेष शिक्षकों को नियमित नियुक्ति देने की मंजूरी मिली। सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो को वित्त विभाग के अंतर्गत लाया जाएगा। विश्व बैंक सहयोग से वित्तीय प्रबंधन सुधार परियोजना को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि ये फैसले राज्य की विकास गति को तेज करने और आम जनता को बेहतर सेवाएं देने के उद्देश्य से लिए गए हैं। आगामी बजट सत्र में इन प्रस्तावों को सदन के पटल पर रखा जाएगा।
