Uttarakhand Trout Fish
Uttarakhand Trout Fish- उत्तराखंड में मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने और उन्हें बड़े बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार लगातार नई पहल कर रही है। इसी क्रम में हाल ही में राज्य सरकार ने 170 करोड़ रुपये की लागत से ट्राउट प्रोत्साहन योजना शुरू की है। अब इस योजना को और आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड सरकार ने दुबई में ट्राउट मछली के निर्यात की तैयारी शुरू कर दी है।
मत्स्य विभाग की ओर से प्रदेश के ट्राउट उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसके तहत जल्द ही उत्तराखंड की ट्राउट फिश दुबई भेजी जाएगी। इसके लिए खाद्य सुरक्षा मानकों सहित अन्य आवश्यक प्रमाण पत्रों को पूरा करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
मत्स्य विभाग पहले से ही भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) को ट्राउट फिश की आपूर्ति कर रहा है। पिछले 15 महीनों में 30.70 टन ट्राउट मछली आईटीबीपी को सप्लाई की जा चुकी है। प्रदेश में ट्राउट मछली का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते अब और बड़े बाजार की जरूरत महसूस की जा रही है।
Uttarakhand Trout Fish- दुबई में भी ट्राउट सप्लाई की तैयारी
इसी आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार आईटीबीपी के साथ-साथ भारतीय सेना को भी ट्राउट मछली की सप्लाई को लेकर बातचीत कर रही है। इसके अलावा सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बाजार में भी ट्राउट मछली भेजने का फैसला किया है।
दुबई में ट्राउट फिश की मांग को देखते हुए पहले चरण में करीब 20 टन ट्राउट मछली एक्सपोर्ट करने की योजना है। भारत सरकार का मानना है कि दुबई में निर्यात शुरू होने से मत्स्य पालकों को बेहतर दाम मिलेंगे और इससे अन्य किसान भी ट्राउट पालन के लिए प्रोत्साहित होंगे।

Uttarakhand Trout Fish- कागजी प्रक्रिया में जुटा मत्स्य विभाग
यूएई को ट्राउट मछली निर्यात करने के लिए खाद्य सुरक्षा और अन्य जरूरी प्रमाण पत्रों की आवश्यकता होती है। इसी कारण मत्स्य विभाग सभी आवश्यक दस्तावेजों और सर्टिफिकेट्स को पूरा करने में जुटा हुआ है, ताकि जल्द से जल्द निर्यात प्रक्रिया शुरू की जा सके।
गौरतलब है कि इस वर्ष 26 से 30 जनवरी तक दुबई में आयोजित गल्फूड प्रदर्शनी में उत्तराखंड मत्स्य पालन विभाग ने ट्राउट मछली का प्रदर्शन किया था। इस दौरान दुबई के लोगों को उत्तराखंड की ट्राउट फिश काफी पसंद आई। इसके बाद यूएई के कई फाइनेंशियर्स ने मत्स्य विभाग से संपर्क कर ट्राउट मछली की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया।
मत्स्य पालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि दुबई में निर्यात शुरू होने के बाद अन्य देशों में भी ट्राउट मछली के निर्यात की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इससे प्रदेश के मत्स्य पालकों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
Uttarakhand Trout Fish- भौगोलिक परिस्थितियां अनुकूल
उत्तराखंड की शुद्ध जल धाराएं और भौगोलिक परिस्थितियां ट्राउट मछली पालन के लिए बेहद अनुकूल हैं। यही वजह है कि ट्राउट पालन प्रदेश में रोजगार का एक मजबूत जरिया बनता जा रहा है।
वर्तमान में उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, टिहरी और देहरादून के पर्वतीय क्षेत्रों में ट्राउट मछली का उत्पादन किया जा रहा है। इसके साथ ही चंपावत और नैनीताल समेत अन्य पर्वतीय जिलों में भी ट्राउट उत्पादन शुरू करने की तैयारी चल रही है।
फिलहाल प्रदेश में 1,625 रेसवेज के माध्यम से 710 मीट्रिक टन ट्राउट मछली का उत्पादन हो रहा है। शुद्ध पानी में पली होने के कारण उत्तराखंड की ट्राउट मछली का स्वाद बेहतर माना जाता है, जिससे इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।
