Kedarnath Helicopter Crash
Kedarnath Helicopter Crash- उत्तराखंड के केदारनाथ में हुए हेलिकॉप्टर हादसे ने जहां कई परिवारों को गम में डुबो दिया, वहीं एक युवक की जिंदगी चमत्कारिक रूप से बच गई। रुद्रप्रयाग जिले के क्यूंजा घाटी स्थित कालई गांव निवासी देवराज सिंह नेगी भी उसी हेलिकॉप्टर से घर लौटने वाले थे, जो 15 जून को गौरी माई खर्क क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में सवार सभी यात्रियों की मौत हो गई, लेकिन देवराज ऐन मौके पर उस हेलिकॉप्टर में बैठने से रह गए।
देवराज सिंह इन दिनों केदारनाथ में एक दुकान पर पूजा और प्रसाद सामग्री बेचने का काम कर रहे थे। कुछ दिन पहले फिसलने के कारण उनकी कलाई की हड्डी टूट गई थी, जिसकी वजह से उन्होंने घर लौटने का फैसला किया। 15 जून को सुबह पांच बजे की शटल से जाने की तैयारी थी, टिकट की व्यवस्था एक परिचित ने कर दी थी।
तय समय पर वह तड़के 4:35 बजे हेलिपैड पहुंच गए थे। करीब 5:18 बजे आर्यन हेली एविएशन का हेलिकॉप्टर वहां उतरा, लेकिन तभी एक कर्मचारी ने उन्हें रोकते हुए कहा कि उन्हें अगली शटल से भेजा जाएगा। कुछ ही मिनटों बाद यह खबर आई कि वही हेलिकॉप्टर उड़ान भरते ही लापता हो गया है।
Kedarnath Helicopter Crash- देवराज ने बताया कि जब रामबाड़ा पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि जिस हेलिकॉप्टर में वो बैठने वाले थे, वह दुर्घटनाग्रस्त हो चुका है और उसमें सवार सभी लोग जान गंवा चुके हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “हेली कंपनी का वह कर्मचारी मेरे लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं। मैं आज भी यकीन नहीं कर पा रहा कि मेरी जान बच गई।”
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