World’s Most Expensive Land- कहां बिकी थी दुनिया की सबसे महंगी ज़मीन? हिंदू सेठ ने अदा की थी कीमत

World’s Most Expensive Land- दुनिया में जिस तरह हालात होते जा रहे हैं, वो दिन दूर नहीं, जब इंसान एक-एक टुकड़ा ज़मीन के लिए तरसेगा. कुछ देश तो ऐसे हैं, जहां जनसंख्या के मुताबिक क्षेत्रफल ही नहीं है. बावजूद इसके दुनिया की सबसे महंगी ज़मीन का रिकॉर्ड इतिहास ही बना हुआ है. एक छोटे से टुकड़े के लिए जो कीमत अदा की गई, वो आज भी मिसाल बनी हुई है.

समय बीतने के साथ-साथ ज़मीन के दाम भी बढ़ते जा रहे हैं. हालांकि आपको नहीं पता होगा कि दुनिया के इतिहास में सबसे महंगी बिकने वाली ज़मीन की कीमत क्या लगी थी. अगर आप सोच रहे हैं कि ये कहीं अमेरिका, ब्रिटेन या इटली जैसे यूरोपीय देश में बिकी होगी तो आप गलत हैं. ये रिकॉर्ड अपने ही देश का है और इसके पीछे की कहानी यकीनन आपकी आंखों में आंसू ला देगी.

World’s Most Expensive Land- 4 वर्गमीटर ज़मीन की कीमत अरबों में

Where was the world's most expensive land sold? Hindu Seth had paid the price

Where was the world’s most expensive land sold? Hindu Seth had paid the price

World’s Most Expensive Land- ऑनलाइन प्लेटफॉर्म कोरा पर किसी यूज़र ने ये सवाल पूछा कि दुनिया की सबसे महंगी ज़मीन कहां बिकी थी, तो लोगों ने अपने मुताबिक जवाब दिए. इंटरनेट पर ज्यादातर जगहों पर सबसे महंगी ज़मीन के तौर पर जिस टुकड़े का ज़िक्र किया गया है, वो सन् 1705 में बिकी थी. ये ज़मीन का वो टुकड़ा था

जिसे उस वक्त के अमीर व्यवसायी सेठ टोडरमल ने सरहिंद क्षेत्र के मुगल गवर्नर वजीर खान से खरीदा था. आपको जानकर हैरानी होगी सिर्फ 4 वर्गमीटर के इस टुकड़े को उस वक्त 78 हज़ार सोने की मुहरें अदा करके खरीदा गया था.

आखिर क्यों इतना महंगी थी ये ज़मीन?

World’s Most Expensive Land- आपने सिखों के दसवें गुरु, गुरुगोविंद सिंह के बारे में तो सुना होगा. उनके दो छोटे-छोटे बच्चों बाबा फतेह सिंह और बाबा जोरावर सिंह की हत्या सरहिंद के किले में वजीर खान नाम के क्रूर मुगल ने करा दी थी.

गुरु गोविंद सिंह को मानने वाले उस वक्त के अमीर व्यवसायी दीवान टोडरमल ने जब वजीर खान से उतनी ज़मीन मांगी, जहां दोनों साहिबजादों की हत्या की गई थी, तो उसने एक अजीब शर्त रखी. अंतिम संस्कार के लिए दी जाने वाली 4 वर्गमीटर की इस ज़मीन के लिए वजीर खान उतनी सोने की मुहरों की मांग की, जितने में ज़मीन कवर हो जाए.

इतना ही नहीं, इसके लिए उसने सोने की मुहरों का खड़ा-खड़ा रखवाया, ताकि ज्यादा से ज्यादा मुहरें वसूली जा सकें. साहिबजादों के अंतिम संस्कार के लिए सेठ टोडरमल ने उतनी ज़मीन के बराबर मुहरें रखीं, तो ये 78 हज़ार मुहरें बैठीं. इतने में उन्होंने ज़मीन का छोटा सा टुकड़ा खरीदा.

अब तक की सबसे महंगी ज़मीन

इतिहास में इस ज़मीन का ज़िक्र सबसे महंगी ज़मीन के टुकड़े के तौर पर है. बताते हैं कि इसके लिए सेठ टोडरमल का पूरा खज़ाना खाली हो गया और उसकी संपत्ति भी बिक गई. उस वक्त 78 हज़ार मुहरों का का मोल निकालें तो ये वज़न में 7.8 टन होंगी. एक अनुमान के मुताबिक उस वक्त के हिसाब से इसकी कीमत 2.5 अरब रुपये रही होगी. आज के हिसाब से तो इसकी कीमत का आप अंदाज़ा लगा ही सकते हैं!

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