Uttarakhand Overseas Employment Cell- उत्तराखंड सरकार प्रदेश के हुनरमंद और बेरोजगार युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौकरी दिलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। युवाओं को वैश्विक मंच पर रोजगार देने के उद्देश्य से काम कर रहे ‘विदेश रोजगार प्रकोष्ठ’ (Overseas Employment Cell) को अब और ज्यादा हाई-टेक, पेशेवर और सशक्त बनाया जाएगा।
कैबिनेट ने इस प्रकोष्ठ के सुचारू संचालन के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसे राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) को ‘स्किल हब’ के रूप में विकसित कर तैयार किया जाएगा।
Uttarakhand Overseas Employment Cell- इस महत्वपूर्ण योजना से जुड़ी मुख्य बातें और इसकी पूरी कार्ययोजना नीचे दी गई है:
विशेषज्ञ टीम और हाई-टेक यूनिट की जरूरत क्यों?
वर्तमान में इस पूरे काम की जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों के पास है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग देशों के नियोक्ताओं (Employers), दूतावासों (Embassies) और वैश्विक कंपनियों के साथ सीधे अनुबंध (Agreement) करने के लिए जिस विशेष कुशलता और जनशक्ति की आवश्यकता होती है, उसकी कमी महसूस की जा रही थी।
इसी व्यावहारिक समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने क्षेत्र के विशेषज्ञों को शामिल कर एक हाई-टेक पीएमयू (PMU) बनाने का फैसला किया है। यह यूनिट भारत सरकार की एनएसडीसी इंटरनेशनल (NSDC International) के साथ मिलकर काम करेगी।
Uttarakhand Overseas Employment Cell- बजट और सृजित किए गए 7 मुख्य पद
Uttarakhand Overseas Employment Cell- विदेशी रोजगार सेल को पूरी तरह धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने अगले तीन वर्षों के लिए 9.66 करोड़ रुपये का कुल अनुमानित बजट तैयार किया है। इसके सफल संचालन के लिए आउटसोर्सिंग या अनुबंध (Contract) के आधार पर 7 विशेषज्ञों के पदों को मंजूरी दी गई है:
इंटरनेशनल मोबिलिटी एडवाइजर (International Mobility Advisor)
जनरल मैनेजर – ओवरसीज प्लेसमेंट (General Manager – Overseas Placement)
ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट मैनेजर (Training & Placement Manager)
आउटरीच एंड कॉन्ट्रैक्ट्स मैनेजर (Outreach & Contracts Manager)
ट्रेनिंग एंड Placement एसोसिएट (Training & Placement Associate)
आउटरीच एंड कॉन्ट्रैक्ट्स एसोसिएट (Outreach & Contracts Associate)
डेटा एंट्री ऑपरेटर (Data Entry Operator)

Uttarakhand Overseas Employment Cell- कैसे काम करेगी यह नई यूनिट?
ग्लोबल डिमांड के अनुसार डेटाबेस: यह पीएमयू मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में ऑस्ट्रेलिया, यूएई (UAE), जर्मनी और जापान आदि देशों की मांग के अनुरूप राज्य के युवाओं का एक मजबूत डेटाबेस तैयार करेगी।
एडवांस और लैंग्वेज ट्रेनिंग: युवाओं को न सिर्फ उनके काम (ट्रेड) से जुड़ी एडवांस ट्रेनिंग दी जाएगी, बल्कि संबंधित देश की विदेशी भाषा (Foreign Language) की ट्रेनिंग भी दी जाएगी ताकि उन्हें वहां कम्युनिकेट करने में दिक्कत न हो।
इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का कोर्स: राज्य के मौजूदा स्किल करिकुलम (पाठ्यक्रम) को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा।
Uttarakhand Overseas Employment Cell- सुरक्षित सफर और धोखाधड़ी से बचाव
Uttarakhand Overseas Employment Cell- विदेश जाने वाले युवाओं की रवानगी से पहले एक विशेष ‘ओरिएंटेशन प्रोग्राम’ आयोजित किया जाएगा। विदेशों में उनके अधिकारों की रक्षा, रियल-टाइम ट्रैकिंग और किसी भी आपात स्थिति के लिए एक शिकायत निवारण पोर्टल (Grievance Redressal Portal) भी बनाया जाएगा। यह यूनिट भारतीय दूतावासों और विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर सुरक्षित माइग्रेशन प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी ताकि युवाओं के साथ कोई धोखाधड़ी न हो सके।
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