Ration Card Portal- उत्तराखंड में तकनीकी बदलाव के चलते आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ रहा है, करीब डेढ़ महीने से राशन कार्ड से जुड़े ऑनलाइन काम ठप पड़े हैं, जिससे हजारों परिवारों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्ड संबंधी सभी सेवाएं पहले आरसीएमएस पोर्टल पर संचालित होती थीं लेकिन अब इस डेटा को यूनिफाइड राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम (यूआरसीएमएस) में स्थानांतरित किया जा रहा है, इसी प्रक्रिया के चलते 26 फरवरी से पोर्टल बंद है, शुरुआत में इसे 10 दिन में चालू करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक सेवाएं बहाल नहीं हो पाई हैं।
Ration Card Portal- पोर्टल बंद होने का सबसे ज्यादा असर गरीब और जरूरतमंद लोगों पर पड़ा है, राशन कार्ड न बनने की वजह से कई लोग आयुष्मान योजना के तहत कार्ड नहीं बनवा पा रहे हैं, जिससे उन्हें महंगे इलाज के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, इसके अलावा शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत स्कूलों में प्रवेश के लिए भी राशन कार्ड जरूरी है, जिससे बच्चों के दाखिले प्रभावित हो रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता शकील सलमानी के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग आवेदन करने के बावजूद राशन कार्ड नहीं बनवा पा रहे हैं। इंदिरानगर और नई बस्ती सहित कई इलाकों के लोगों ने आवेदन किए हैं, लेकिन प्रक्रिया पूरी तरह से रुकी हुई है।

Ration Card Portal- हल्द्वानी और नैनीताल के क्षेत्रीय खाद्य कार्यालयों में रोजाना 25 से ज्यादा लोग जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जिनके नाम आयकर दायरे में आने के कारण पहले हटाए गए थे और अब दोबारा जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण कर्मचारी भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
सिर्फ नए राशन कार्ड बनना ही नहीं, बल्कि यूनिट जोड़ने, नाम हटाने, ट्रांसफर करने, कार्ड निरस्त करने और नई राशन दुकान जोड़ने जैसे सभी ऑनलाइन कार्य पूरी तरह ठप हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि राशन वितरण पर इसका असर नहीं पड़ा है और लोगों को नियमित रूप से खाद्यान्न मिल रहा है।
Ration Card Portal- खाद्य आयुक्त आनंद स्वरूप ने बताया कि पोर्टल बंद होने की शिकायतें विभाग को भी मिल रही हैं। इस संबंध में 4 अप्रैल को भारत सरकार के सहायक सचिव को पत्र भेजा गया है और जल्द ही पोर्टल को चालू कराने की कोशिश की जा रही है।