LAC Border Issue- भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए एक बार फिर उच्च-स्तरीय सैन्य वार्ता हुई। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों की सेनाओं के बीच कोर कमांडर स्तर की 23वीं बैठक 25 अक्टूबर 2025 को चुशुल-मोल्दो सीमा बैठक बिंदु पर आयोजित की गई।
यह बैठक अगस्त 2025 में हुई विशेष प्रतिनिधि वार्ता के 24वें दौर के बाद से पश्चिमी क्षेत्र में जनरल स्तर की पहली औपचारिक बातचीत थी। मंत्रालय ने बताया कि वार्ता सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक माहौल में हुई। दोनों पक्षों ने अक्टूबर 2024 में हुई पिछली बैठक के बाद से हुई प्रगति की समीक्षा की और इस बात पर सहमति जताई कि सीमा क्षेत्रों में अब तक शांति और स्थिरता बनी हुई है।
LAC Border Issue- दोनों देशों ने इस बात पर भी सहमति जताई कि सीमा से जुड़े किसी भी मुद्दे को सुलझाने के लिए मौजूदा सैन्य और राजनयिक तंत्र का उपयोग जारी रहेगा।
चीनी रक्षा मंत्रालय ने भी अपने बयान में कहा कि बैठक में चीन-भारत सीमा के पश्चिमी हिस्से के प्रबंधन पर सक्रिय और गहन चर्चा हुई। दोनों देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई सहमति के अनुसार संवाद और संचार को बनाए रखने का निर्णय लिया।
गौरतलब है कि भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद 2020 की गलवान घाटी झड़प के बाद गहरा गया था, जिसमें 20 भारतीय जवान शहीद हुए थे। तब से दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और सीमा पर सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए कई दौर की वार्ताएं हो चुकी हैं। हाल की बैठकों के बाद दोनों देशों ने सैनिकों की चरणबद्ध वापसी और गश्त दोबारा शुरू करने पर सहमति बनाई है।
LAC Border Issue- यह वार्ता इस दिशा में एक और सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जिससे सीमा क्षेत्रों में स्थायी शांति और विश्वास बहाली की उम्मीद बढ़ी है।