Ekal Mahila Swarozgar Yojana- CM धामी का बड़ा तोहफा, मिलेगी 75% की भारी सब्सिडी

Ekal Mahila Swarozgar Yojana- उत्तराखंड की एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ को अब प्रदेश के सभी जिलों में विस्तार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज मुख्य सेवक सदन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आठ जिलों के लिए योजना के दूसरे चरण का औपचारिक शुभारंभ करेंगे।

इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को उनके स्थानीय स्तर पर ही रोजगार स्थापित करने के लिए परियोजना लागत पर 75 प्रतिशत तक की भारी सब्सिडी प्रदान की जाती है।

Ekal Mahila Swarozgar Yojana- योजना से जुड़ी मुख्य बातें

  • 75% तक सरकारी सब्सिडी: ₹2 लाख तक की परियोजना लागत पर सरकार दे रही है ₹1.5 लाख का अनुदान।
  • 25% लाभार्थी अंशदान: महिला उद्यमी को कुल लागत का केवल 25% खुद लगाना होगा।
  • आठ जिलों में विस्तार: दूसरे चरण में आज प्रदेश के 8 जिलों की 213 महिलाओं को योजना से सीधा लाभ मिलेगा।
  • आयु सीमा: 21 से 50 वर्ष की स्थायी निवासी महिलाएं ही इस योजना की पात्र होंगी।

Ekal Mahila Swarozgar Yojana- कितनी महिलाओं को मिलेगा लाभ?

Ekal Mahila Swarozgar Yojana- महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दूसरे चरण के तहत चयनित जिलों की महिलाओं को स्वरोजगार प्रोत्साहन दिया जा रहा है:

  • उत्तरकाशी: 42 महिलाएं
  • पिथौरागढ़: 40 महिलाएं
  • हरिद्वार: 32 महिलाएं
  • चमोली: 29 महिलाएं
  • अल्मोड़ा: 26 महिलाएं
  • चंपावत: 25 महिलाएं
  • रुद्रप्रयाग: 17 महिलाएं
  • देहरादून: 01 महिला

Ekal Mahila Swarozgar Yojana- वित्तीय सहायता और सब्सिडी

Ekal Mahila Swarozgar Yojana- योजना को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि महिलाओं पर शुरुआत में कोई बड़ा आर्थिक बोझ न पड़े:

  • अधिकतम परियोजना लागत: ₹2,00,000 (दो लाख रुपये)
  • सरकारी अनुदान (75% Subsidy): ₹1,50,000 (डेढ़ लाख रुपये)
  • स्वयं का अंशदान (25% Contribution): ₹50,000 (पचास हजार रुपये)
Ekal Mahila Swarozgar Yojana

Ekal Mahila Swarozgar Yojana- कौन होंगी पात्र?

Ekal Mahila Swarozgar Yojana- राज्य सरकार ने समाज के अंतिम छोर पर खड़ी और विपदाग्रस्त महिलाओं को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया है:

  • श्रेणियां: विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, अविवाहित महिला (जो परिवार पर आश्रित न हो), एसिड अटैक पीड़ित महिलाएं एवं ट्रांसजेंडर (किन्नर) इस योजना के लिए पात्र हैं।
  • मूल निवासी: आवेदक महिला उत्तराखंड की मूल एवं स्थायी निवासी होनी चाहिए।
  • आयु सीमा: न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 50 वर्ष।
  • प्रमाणपत्र की प्रक्रिया: समाज कल्याण विभाग में पंजीकृत परित्यक्ता महिलाएं सीधी पात्र होंगी। यदि पंजीकरण नहीं है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान और शहरी क्षेत्रों में निकाय अध्यक्ष का प्रमाणपत्र मान्य होगा।

Ekal Mahila Swarozgar Yojana- महिला सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम

Ekal Mahila Swarozgar Yojana- महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बी.एल. राणा के अनुसार:

“मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना एक सशक्त महिला उद्यमी योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अपने गांव और क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे उनका पलायन रुके, आर्थिक स्थिति मजबूत हो और उनके जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आए।”

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