CharDham Yatra 2026- चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में है, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर यात्रा की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया और अधिकारियों को सभी जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
सीएम धामी ने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान रसोई गैस की कोई कमी नहीं होगी, यात्रा मार्गों पर वन निगम के माध्यम से लकड़ी की भी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को भोजन बनाने में कोई समस्या न हो।
CharDham Yatra 2026- मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, बिजली, शौचालय, पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर पूरी हों। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए पुलिस और आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय रहेगा।

सीएम धामी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति में चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार संभावित किसी भी आपात स्थिति के लिए अग्रिम योजना तैयार कर रही है। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर ऐसे स्थान चिन्हित किए जाएं, जहां जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को जलाऊ लकड़ी उपलब्ध कराई जा सके।
CharDham Yatra 2026- उन्होंने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा न केवल उत्तराखंड की आस्था का प्रतीक है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन का प्रमुख आधार भी है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो और यात्रा सुचारू रूप से पूरी हो।