Kashmir to Kanyakumari- देहरादून निवासी दंपती अवधेश कुमार श्रीवास्तव और उनकी पत्नी अर्चना ने इलेक्ट्रिक कार से कश्मीर से कन्याकुमारी तक की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर ली है, मंगलवार शाम वे 28 दिन की इस अनोखी यात्रा के बाद देहरादून लौटे।
15 अगस्त को श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) से यात्रा शुरू कर दंपती ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के जरिये 15 राज्यों को पार करते हुए कुल 8,447 किलोमीटर की दूरी तय की, इस दौरान उन्होंने 35 बार कार चार्ज कराई, जिस पर 17,830 रुपये खर्च हुए, जबकि 3,900 रुपये टोल टैक्स अदा किया।
अवधेश का दावा है कि यह भारत में अब तक की सबसे लंबी इलेक्ट्रिक कार यात्रा है, जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्होंने बताया कि यदि यही यात्रा पेट्रोल कार से की जाती, तो कम से कम 75,000 रुपये का ईंधन खर्च आता, इस तरह उन्होंने न सिर्फ लगभग 58,000 रुपये की बचत की, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान से बचाया।
Kashmir to Kanyakumari- अवधेश (61) इलाहाबाद बैंक में 18 वर्ष और टाटा कंसलटेंसी सर्विस (TCS) में 15 वर्ष सेवा देने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्त हुए हैं, उनकी पत्नी अर्चना (56) मुंबई के एक निजी स्कूल में शिक्षिका रहीं, दोनों तीन साल पहले मुंबई से देहरादून शिफ्ट हुए थे।
इस यात्रा के दौरान दंपती की मुलाकात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी हुई, गडकरी ने इसे ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह अनुभव देशभर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगा।
Kashmir to Kanyakumari- अवधेश ने बताया कि उनकी इस यात्रा से लगभग 1000 किलो कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई, जो करीब 46 पेड़ बचाने के बराबर है, उन्होंने कहा- “यह सिर्फ एक रोमांचक सफर नहीं था, बल्कि पूरे देश को संदेश देने की मुहिम थी कि इलेक्ट्रिक वाहन अब लंबी दूरी की यात्रा के लिए पूरी तरह भरोसेमंद और पर्यावरण हितैषी विकल्प बन चुके हैं।”
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